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'मैं मुसलमान हूं और ट्रंप को वोट देता रहूंगा'
बीबीसी
Updated Mon, 15 Jan 2018 04:52 PM IST
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mike hesham
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"मैं ट्रंप को वोट दूंगा"। "मैं उन्हें आज वोट दूंगा, दो बार, तीन बार, सौ बार। जब तक ट्रंप यहां हैं मैं उन्हें वोट दूंगा।" एक अमरीकी मुसलमान का ये ऐलान करना कई लोगों का हैरान कर सकता है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के आलोचक मुसलमानों को लेकर उनके बयानों पर सवाल उठाते रहे हैं। मुस्लिम देशों को लेकर नीतियों पर भी ट्रंप प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया जाता है।
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लेकिन मिशीगन के डेट्राइट में रहने वाले माइक हेशम सवाल उठाने वाली इस जमात से अलग हैं। वो कहते हैं, "मैं मुसलमान हूं। मैंने डोनल्ड ट्रंप को वोट दिया था।"
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ट्रंप की पहली रैली से ही प्रभावित
माइक कहते हैं कि ट्रंप की एक चुनाव रैली में शामिल होने के बाद से वो उनसे प्रभावित हैं। वो बताते हैं, "जब मैं उनकी पहली रैली में शामिल हुआ, उसी वक़्त मुझे लगा कि ये व्यक्ति राष्ट्रपति बनने की क्षमता रखता है।" माइक अमरीकी राष्ट्रपति की भाषण देने की क्षमता के कायल हैं। ट्रंप की चुनाव रैली को याद करते हुए वो कहते हैं, "आप महसूस कर सकते थे कि ये व्यक्ति ऐसे बात कर रहा है जैसे कि वो आपको जानता हो।"
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अमरीका में जन्मे माइक हैशम की जड़ें लेबनान में हैं। वो बताते हैं कि एक वक्त ऐसा भी था कि जब "मुसलमानों पर पाबंदी" को लेकर उन्होंने ट्रंप का विरोध किया था। ट्रंप प्रशासन ने बीते साल जनवरी में सात मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमरीका यात्रा पर रोक का आदेश जारी किया था। फरवरी 2017 में एक कोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगा दी थी। राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी ट्रंप ने 'पाबंदियां' लागू करने का ऐलान किया था।
राष्ट्रपति बनने और चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के पहले भी ट्रंप ने मुसलमानों को लेकर जो बयान दिए थे। उन पर तीखी प्रतिक्रियाएं हुई थीं। नवंबर 2015 में ट्रंप ने एक इंटरव्यू में मुसलमानों पर नजर रखने के लिए विशेष सुरक्षा और निगरानी उपाय किए जाने की संभावना पर अपनी सहमति जताई थी। माइक हैशम कहते हैं कि इसके बाद भी उन्होंने ट्रंप को वोट दिया था।
वो कहते हैं कि ट्रंप का आदेश मुस्लिमों पर प्रतिबंध नहीं है। उनके मुताबिक 'मुस्लिम बैन' नाम मीडिया ने दिया है। माइक हैशम सवाल करते हैं, "पता नहीं इस देश में हम ये क्यों कह रहे हैं कि ये मुस्लिम बैन है। ये उन देशों पर प्रतिबंध है जहां चरमपंथी गतिविधियां या तो होती रही हैं या हो सकती हैं।" माइक हैशम का दावा है कि जब तक ट्रंप मौजूद हैं, वो उनका समर्थन करते रहेंगे।