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कर्मचारियों के विरोध के बाद गूगल तोड़ेगा अमेरिकी सेना से करार

Mon, 04 Jun 2018 05:06 AM IST
एजेंसी, सेन फ्रांसिस्को
एजेंसी, सेन फ्रांसिस्को Updated Mon, 04 Jun 2018 05:06 AM IST
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Google will conclude agreement with US Army after employee protests
(फाइल फोटो)
इंटरनेट जगत की बादशाह कही जाने वाली गूगल अमेरिकी सेना को ड्रोन विमानों के वीडियो का विश्लेषण करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मदद उपलब्ध कराने के करार को इस साल आगे नहीं बढ़ाएगी। इस मामले से जुड़े कंपनी के कुछ उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, कंपनी प्रबंधन ने ये निर्णय अपने कर्मचारियों में प्रोजेक्ट मावेन नाम के इस करार के खिलाफ माहौल होने के कारण लिया है। सूत्रों का कहना है कि केलिफोर्निया स्थित कंपनी मुख्यालय में अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ इस समझौते को लेकर आंतरिक विद्रोह की स्थिति बनी हुई है। 
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एक आंतरिक याचिका में गूगल से ‘युद्ध के व्यापार’ से बाहर रहने की अपील की गई थी। इस याचिका पर हजारों कर्मचारियों ने हस्ताक्षर किए थे और कुछ कर्मचारियों ने सेना के साथ इस समझौते से दूरी बनाई थी। ये याचिका ऑनलाइन भी पोस्ट की गई है। 
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द न्यूयॉर्क टाइम्स और तकनीकी खबरों की वेबसाइट गिजमोडो ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से कहा है कि इसके बाद ही गूगल की क्लाउड टीम के शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को कर्मचारियों के सामने घोषणा की है कि कंपनी अगले साल इस विवादित करार के खत्म होने पर इसका नवीनीकरण नहीं कराएगी। हालांकि गूगल की तरफ से इस संबंध में पूछे गए सवालों पर प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। 
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66.93 करोड़ रुपये का था करार

बताया जा रहा है कि गूगल का ये करार 10 मिलियन डॉलर यानी करीब 66.93 करोड़ रुपये का था, लेकिन इसके जरिए भविष्य में सेना के साथ कंपनी के ज्यादा कीमत वाले तकनीकी सहयोग के रास्ते खुल सकते थे।

कई संगठनों ने भी किया विरोध

गूगल और सेना के इस करार का कई संगठन भी विरोध कर रहे हैं। द इलेक्ट्रॉनिक फ्रंटियर फाउंडेशन (ईएफएफ) नाम के एक इंटरनेट राइट्स ग्रुप ने कहा, उम्मीद है कि प्रोजेक्ट मावेन रद्द कर दिया जाएगा और गूगल ड्राफ्ट एक स्पष्ट नीति को प्रचारित व लागू करेगा कि ना तो खुद गूगल और ना ही उसके ठेकेदार कभी युद्ध तकनीक का निर्माण करेंगे। 


द इंटरनेशनल कमेटी फॉर रोबोट आर्म्स कंट्रोल (आईसीआरएसी) ने भी कहा है कि हम इससे ड्रोन विमानों को बिना किसी मानवीय निर्देशन या तार्किक मानवीय नियंत्रण के खुद ही किसी को मारने की स्वतंत्रता देने से बस एक कदम की दूरी पर होंगे। इन संगठनों ने हथियारों में एआई के उपयोग के लिए नैतिक और आचार संबंधी मानदंड बनाए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
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