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गूगल ग्लास से कैसे बचेगी प्राइवेसी

Mon, 03 Jun 2013 08:43 AM IST
Updated Mon, 03 Jun 2013 08:43 AM IST
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google glass and us congress

अमेरिकी नेताओं ने गूगल से स्मार्ट चश्मे के बारे में आश्वासन मांगा है।

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पिछले दिनों अमेरिकी नेताओं ने कंपनी को पत्र लिखकर पूछा कि स्मार्ट चश्मे से उनकी निजी गोपनीयता का सम्मान करने के लिए कंपनी क्या कदम उठा रही है।।

इस बारे में कांग्रेस के आठ सदस्यों ने पत्र लिखकर गूगल से जवाब देने को कहा है। पत्र पर इन सासंदों ने हस्ताक्षर भी किया है।

पत्र में चश्मे के उपयोग करने वालों और उपयोग न करने वालों के बारे में एकत्रित जानकारी से संबंधित आठ सवाल गूगल से पूछे गए हैं।

सांसदों के इस समूह का कहना है कि वो लोग गूगल स्मार्ट चश्मे में गोपनीयता को लेकर किए गए प्रबंध को लेकर अनिश्चित थे।

पत्र में लिखा गया है, "हम यह जानना चाहते हैं कि क्या ये तकनीक एक आम अमेरिकी की गोपनीयता का उल्लंघन कर सकता है।"

इससे पहले भी हम निजी जानकारियां इकट्ठी करने वाली कंपनियों से पूछते रहे हैं कि वो इन जानकारियों का क्या करते हैं।

आठ सवाल

गूगल ग्लास अभी उपभोक्ताओं के लिए तैयार नहीं हुआ है

गूगल से सवाल पूछने वालों में डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों हैं। गूगल ग्लास तकनीक विवादास्पद हो चुकी है। ये ऐसी तकनीक है जिसमें उपयोग करने वाला जो भी देखता है वो सब कुछ आंकड़ों के रूप में इकट्ठा हो जाता है।

कुछ लोगों का दावा है कि अगर गूगल ग्लास या इसकी जैसी दूसरी तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया तो निजता असंभव हो जाएगी।

गूगल के मालिक लैरी पेज को संबोधित इस पत्र में सांसदों ने कहा है कि गूगल का इतिहास निर्दोष नहीं है।

इससे पहले जब गूगल स्ट्रीट व्यू सर्विस शुरू कर रहा था तब उसने असुरक्षित वायरलेस नेटवर्क की वजह से जानकारियां इकट्ठा की थी। और तब उसे इसके लिए जुर्माना भी देना पड़ा था।
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नेताओं ने गूगल से ये जानना चाहा है कि ये ग़लती दोबारा नहीं होगी, ये कैसे सुनिश्चित किया जाएगा।

मस्त या डरावना

गूगल ग्लास को हाल के वर्षों का सबसे रोमांचकारी उत्पाद बताया जा रहा है। कुछ लोग इसकी तुलना सिंक्लेयर सी-5 से कर रहे हैं।

हालांकि उत्पाद अभी उपभोक्ताओं के लिए तैयार नहीं है लेकिन जो लोग इसे बना रहे हैं उनके हाथों में ये पहले से ही है।

बीबीसी के तकनीक संवाददाता रोरी सेलन जोन्स गूगल ग्लास पर सैन फ्रांसिस्को में हुई एक कांफ्रेंस मे शामिल हुए।

वो बताते हैं कि जब उन्होंने इसका इस्तेमाल किया तो उन्हें कैसा लगा। जोन्स कहते हैं, "ग्लास में कुछ खुरदुरे किनारे थे। हालांकि स्क्रीन तुलनात्मक रूप से बड़ी है। और उम्मीद से कहीं ज्यादा उपयोगी है।"
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वो बताते हैं कि फिलहाल ग्लास के साथ ज्यादा कुछ किए जाने की संभावना अभी सीमित है। ये एक तरह से बिना ऐप्स के एक स्मार्टफोन की तरह है। बहुत सारे फंक्शन के लिए आपको थ्री-जी कनेक्शन पर निर्भर करना पड़ेगा।


हालांकि इसमें आवाज को पहचानने वाली तकनीक बहुत ही शानदार है। जोन्स कहते हैं कि ये उनके उच्चारण के लहजे को भी समझ रहा था।

जोन्स कहते हैं, “जब मैं इसको लेकर गोल्डन गेट ब्रिज गया तो वहां आसपास टहल रहे लोग अपनी गोपनीयता से ज्यादा एक अजीबोगरीब ब्रिट के बारे में ज्यादा उत्सुक दिखे।”

जोन्स ने गूगल ग्लास से सबसे पहले फिल्मांकन किया ब्लॉगर रॉबर्ट स्कोब का।

रॉबर्ट हालांकि उत्पाद को लेकर आग्रही हैं लेकिन वो ये भी कहते हैं कि इसकी कीमत सही होनी चाहिए इसके अलावा इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपील करना होगा।

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