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अमेरीका के इस सबसे बड़े बम में कितना दम?

Fri, 14 Apr 2017 01:00 PM IST
बीबीसी हिन्दी
बीबीसी हिन्दी Updated Fri, 14 Apr 2017 01:00 PM IST
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GBU-43, 'The Mother Of All Bombs', the largest non-nuclear bomb ever used by the US military

अमरीकी सेना ने अफ़गानिस्तान के पूर्वी प्रांत नांगरहार में अब तक का सबसे बड़ा बम गिराया है। यह बम नॉन न्यूक्लियर है. GBU-43/B मैसिव ऑर्ड्नन्स एयर ब्लास्ट बॉम्ब (एमओएबी) या अमरीकी सेना की भाषा में इसे 'मदर ऑफ़ ऑल बॉम्ब्स' कहा जा रहा है। अमरीकी सेना ने इसे गुरुवार को गिराया है।

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इस बम का निशाना नांगरहार प्रांत के अचिन ज़िले में कथित इस्लामिक स्टेट के सुरंगों का नेटवर्क था। एक ग़ैर-परमाणु हथियार एमओएबी के इस्तेमाल के लिए सेना को अमरीकी राष्ट्रपति से मंजूरी लेने की ज़रूरत नहीं पड़ती है।

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आखिर कैसे किया गया इसका इस्तेमाल?

GBU-43, 'The Mother Of All Bombs', the largest non-nuclear bomb ever used by the US military

यह आकार में काफ़ी बड़ा होता है। यह 30 फुट (9 मीटर) और 9 हज़ार 800 किलोग्राम का होता है। यह जीपीएस से संचालित होता है। इसे एक MC-130 ट्रांसपोर्ट प्लेन के कार्गो डोर से फेंका गया है। ज़मीन पर गिरते ही यह बम फटता है. एमओएबी एयरक्राफ्ट के ज़रिए एक पैलेट से गिराया जाता है।

गिराते वक़्त इसे पैराशूट से झटका दिया जाता है ताकि वह खिसक जाए. इसे फोर ग्रिड फिन से दिशानिर्देशित किया जाता है।

इसका मुख्य असर भयावह धमाके के गुबार के रूप में होता है. यह हर दिशा में एक मील तक फैल जाता है। इसे 18,000 एलबी टीएनटी से बनाया गया है। बम में एल्यूमीनियम का पतला आवरण होता है। इसे ख़ासतौर पर ब्लास्ट के रेडियस को अधिकतम रखने के लिए तैयार किया जाता है।

बंकरों को निशाना बनाने वाला यह बम भूमिगत सुविधाओं और सुरंगों को नष्ट करता है। अमरीका ने इस बम को इराक़ युद्ध के दौरान विकसित किया था। रिपोर्टों के मुताबिक इस बम को बनाने में 16 मिलियन डॉलर की लागत लगी थी।

MOAB नहीं ये है दुनिया का सबसे विनाशक बम

GBU-43, 'The Mother Of All Bombs', the largest non-nuclear bomb ever used by the US military

पहली बार इसका परीक्षण 2003 में किया गया था। हालांकि इससे पहले इसका कभी इस्तेमाल नहीं किया गया था।

फिर भी एमओएबी अमरीकी सेना का सबसे बड़ा ग़ैर-परमाणु बम नहीं है। ये ख़िताब जाता है मैसिव ऑर्डिनेंस पेनिट्रेटर यानी एमओपी को, इसे बंकर-बस्टर के रूप में जाना जाता है, जिसका वजन 30,000 एलबी है।

रूस ने भी इसी तरह का ख़ुद का बम विकसित किया है। उसने अपने बम का नाम 'फादर ऑफ़ ऑल बॉम्ब्स' (एफओएबी) दिया है। एफओएबी एक तरह से फ्यूल-एयर बम है. तकनीकी रूप से इसे थर्मोबारिक हथियार के रूप में जाना जाता है।

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ये महाबम ऐसे करता है विनाश

GBU-43, 'The Mother Of All Bombs', the largest non-nuclear bomb ever used by the US military

थर्मोबारिक बम सामान्य रूप से दो चरणों में फटते हैं- छोटे धमाके में विस्फोटक सामग्री का गुबार पैदा होता है और इसके बाद इससे लपटें निकलती हैं और विनाशकारी लहर का दबाव पैदा होता है।

एमओएबी जैसे हथियारों का सबसे बड़ा प्रभाव मनोवैज्ञानिक होता है। धमाका इतना प्रभावी होता है कि इससे ख़ौफ़ पैदा हो जाता है। यह बम BLU-82 डेज़ी कटर की तरह है।

यह 15,000 एलबी का बम होता है जिसका इस्तेमाल जंगल में हेलिकॉप्टर लैंडिग पैड बनाने के लिए ज़मीन को समतल करने में किया है। एमओएबी को अलबामा की एरोनॉटिक्स कंपनी डाइनेटिक्स ने विकसित किया था।

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