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हिंद महासागर में चीन के बढ़ते दबदबे से टेंशन में भारत: अमेरिकी विशेषज्ञ

Sat, 03 Feb 2018 03:42 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 03 Feb 2018 03:42 PM IST
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former American diplomat has said India-China ties a ‘cold war-like’ bond in making
india china
अमेरिका की पूर्व राजनयिक ने कहा कि चीन और भारत के रिश्ते कोल्ड वॉर (शीत युद्ध) की तरह बन रहे हैं। दक्षिण और मध्य एशिया ब्यूरो में काम कर चुकीं पूर्व राजदूत एलिसा आयर्स ने पिछले हफ्ते न्यू यॉर्क में उनकी पुस्तक "अवर टाइम हैज कम हाउ इंडिया इज मेकिंग इट्स प्लेस इन द वर्ल्ड" के विमोचन के दौरान यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बीजिंग को नियंत्रित करने के लिए अमेरिकी नेतृत्व वाले किसी मोर्चे में नई दिल्ली के शामिल होने की उम्मीद नहीं है।
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उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच मजबूत वाणिज्यिक संबंध हैं लेकिन भारत के लिए ये ज्यादा संतोषजनक नहीं है। कई कारणों से संयुक्त राज्य अमेरिका भी चीन के साथ अपने व्यापार संबंधों से संतुष्ट नहीं है। इस दौरान ऐलिसा से भारत चीन के संबंधों पर कई सवाल पूछे गए। उन्होंने हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि चीन जिस प्रकार से हिंद महासागर में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है उससे भारत चिंतित है। 
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India China
उन्होंने कहा कि चीन जिस तरह से पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ गहरे रिश्ते बना रहा है साथ ही जिस तरह से इन देशों में भारी निवेश कर रहा है भारत उससे भी चिंतित हो सकता है। एक सवाल के जवाब में कहा कि इस बात की संभावना कम है कि बीजिंग को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली अच्छा विकल्प है। इसकी संभावना ना के बराबर है कि भारत ऐसी किसी भी पहल का हिस्सा बनेगा। भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने संबंध खराब नहीं करना चाहता है। 

उन्होंने कहा कि मेरा ऐसा मानाना है कि भारत चीन को नियंत्रित करने के लिए अमेरिकी अगुवाई वाले किसी भी अभियान में शामिल होगा। ऐसिसा ने कहा कि भारत अपने हितों की रक्षा करना चाहता है। भारत नहीं चाहता कि वह विश्व स्तर पर किसी भी तरह का खतरा मौल ले। एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत ब्रिक्स को लेकर काफी सक्रिय है। क्योंकि यह पांच देशों का एक समूह है। ब्रिक्स को पांच राष्ट्र समूहों ने अपना विकास बैंक बनाया है। 

 
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