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अमेरिकी संसद में हुई मैराथन पूछताछः माफी मांगकर जुकरबर्ग ने टाल दिये कई सवालों के जवाब

Wed, 11 Apr 2018 12:01 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Updated Wed, 11 Apr 2018 12:01 PM IST
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Facebook CEO Mark Zuckerberg fielded questions from 44 senators in the US
- फोटो : ANI
कैंब्रिज डाटा लीक मामले में दुनिया भर में शर्मिंदगी झेल रहे फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने एक बार फिर माफी मांगी है। बीती रात अमेरिकी सीनेट (संसद) में 44 सीनेटरों (संसदों) ने उनसे सवाल-जवाब किये। पूछताछ का यह दौर करीब पांच घंटे तक चला। मार्क जुकरबर्ग सीनेट की वाणिज्य और न्यायपालिका समितियों के सामने पेश हुए इस दौरान उन्हें फेसबुक पर लगे आरोपों को लेकर कड़ी आलोचना का सामना किया लेकिन बड़ी चालाकी से उन्होंने कई सवालों को जवाब टाल दिया।  
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सीनेट पहुंचकर शुरुआती सवालों को सुनने के बाद वह थोड़ा तनाव में दिखे और जवाब देते समय उन्हें कई बार पानी भी पीना पड़ा। मार्क पांच घंटे तक सीनेट में रहे, लेकिन शुरुआती कुछ सवालों के बाद यह पूछताछ उनके लिए आसान होती चली गई। इसकी वजह यह थी कि सीनेट में सवालों का जवाब देने से पहले जुकरबर्ग को सच बोलने की शपथ नहीं दिलाई गई थी।
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दूसरी बात यह रही कि जो सांसद मार्क से सवाल कर रहे थे उन्हें यह तक पता ही नहीं था इंटरनेट और फेसबुक आखिर काम कैसे करता है। फिर भी कुछ ने उनसे सवाल किए, मार्क उन सवालों का जवाब बहुत चालाकी से देते गए। यह पूछताछ उनके लिए कितनी आसान रही इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब वो सीनेट से बाहर निकले तो उनके चेहरे पर मुस्कान दिख रही थी।

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अपने बात की शुरुआत ही जुकरबर्ग ने माफी मांगते हुए की और कहा कि अब यह साफ हो गया है कि हम फेसबुक के टूल्स को और अपने उपयोगकर्ता के डाटा को सुरक्षित रखने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हमने अपनी जिम्मेदारियों पर पर्याप्त रूप से बड़ा नजरिया नहीं अपनाया और यह बड़ी भूल थी।

'उन्होंने कहा, 'यह मेरी भूल थी और मुझे इसका अफसोस है। मैंने फेसबुक शुरू किया, मैंने इसे चलाया और यहां जो कुछ हुआ, उसके लिए मैं जिम्मेदार हूं। इसके अलावा कंपनी ने उपयोगकर्ताओं को सतर्क करना भी शुरू किया कि कैंब्रिज एनालिटिका ने उनका डेटा एकत्रित किया है।' 

मामले की सुनवाई कॉमर्स कमेटी के चेयरमैन जॉन थूने के सवालों से हुई, उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि तकनीकी कंपनियां हमें बताएं कि वह अपनी तकनीक का इस्तेमाल कैसे करती हैं। आज की सुनवाई असाधारण है, यह असाधारण इसलिए भी है क्योंकि एक सीईओ अमेरिका के सीनेटरों के सामने आए हैं। उन्होंने आगे कहा कि पिछले सीनेटर ऐसा मानते रहे हैं कि तकनीकी कंपनिया अपने आपको खुद ही संचालित करती हैं, लेकिन अब हम यह जानना चाहते हैं कि फेसबुक किस तरह से जिम्मेदारी लेती है क्योंकि अमेरिका के लोगों का ख्वाब है फेसबुक। हम नहीं चाहते कि यह हमारी निजता में खलल पैदा करे।

फेसबुक माइक्रोफोन लगाकर किसी की बातचीत नहीं सुनता

Facebook CEO Mark Zuckerberg fielded questions from 44 senators in the US
mark zuckerberg
वह यूजर्स जो सोशल मीडिया साइट पर नहीं है फेसबुक ऐसे इंटरनेट यूजर्स को भी ट्रैक कर लेता है, इस सवाल के जवाब को जुकरबर्ग बड़ी ही चालाकी से नजरअंदाज कर गए। यह नही सवाल है जिसपर फेसबुक की पॉलिसी जाननी चाहिए थी। जुकरबर्ग ने कहा कि विज्ञापन फेसबुक के लिए प्रमुख व्यवसाय मॉडल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी तरह से फेसबुक प्रीमियम विज्ञापन-मुक्त संस्करण से बाहर आता भी है तो भी  फेसबुक हमेशा एक विज्ञापन-समर्थित मुफ्त संस्करण रहेगा। 

फेसबुक सीईओ ने कहा कि वह निजता की कद्र करते हैं। जब उनसे सीनेटर डिक डरबिन ने पूछा कि क्या वह बता सकते हैं कि वह कल रात किस होटल में रुके थे। जुकरबर्ग ने चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान के साथ कहा, नहीं। उन्होंने कहा कि जब आप चेकइन करेंगे तभी यह जानकारी आएगी, जैसा कि अधिकतर फेसबुक यूजर्स करते हैं। 

उन्होंने निजता के मामले में एकबार फिर कहा कि वह इस मामले में काम कर रहे हैं। उनसे सवाल किया गया कि क्या फेसबुक लोगों की बातचीत भी सुनता है? उन्होंने कहा नहीं, फेसबुक माइक्रोफोन लगाकर किसी की बातचीत नहीं सुनता है। यह सिर्फ अफवाह है। 

अगर कोई उपयोगकर्ता अपना एकाउंट डिलीट कर देता है तो वह डाटा कितने समय तक रहता है के जवाब में कहा कि मुझे भी नहीं पता कि फेसबुक डिलीट किए गए एकाउट का डाटा कितने समय तक संभाल कर रखता है। 

उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद के अभियान (इलेक्शन कैंपेन) से जुड़ी डाटा फर्म कैंब्रिज एनालिटिका को चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश में 8.7 करोड़ यूजर्स की जानकारी इक्टठा करने से रोकने में नाकाम रहने की जिम्मेदारी ली।

जुकरबर्ग ने फेसबुक के जरिए हुई गड़बड़ियों को स्वीकार करते हुए कहा कि 2019 में भारत में होने वाले चुनाव में ईमानदारी बरतेंगे। सेनेट कॉमर्स एंड जूडिशरी कमिटियों के सामने पेश हुए जुकरबर्ग ने फेसबुक के जरिए डेटा लीक की जिम्मेदारी ली।
 

उन्होंने कहा, 'यह मेरी भूल थी और मुझे इसका अफसोस है। मैंने फेसबुक शुरू किया, मैंने इसे चलाया और यहां जो कुछ हुआ, उसके लिए मैं जिम्मेदार हूं। इसके अलावा कंपनी ने उपयोगकर्ताओं को सतर्क करना भी शुरू किया कि कैंब्रिज एनालिटिका ने उनका डेटा एकत्रित किया है।'

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