फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   Economic growth rate shocks from demonatisation and GST

आरबीआई के पूर्व गवर्नर बोले- नोटबंदी, जीएसटी से आर्थिक वृद्धि दर को लगे झटके

Sat, 10 Nov 2018 07:11 PM IST
एजेंसी, वाशिंगटन
एजेंसी, वाशिंगटन Updated Sat, 10 Nov 2018 07:11 PM IST
विज्ञापन
Economic growth rate shocks from demonatisation and GST
raghuram rajan
आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने नोटबंदी और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को भारत की आर्थिक वृद्धि की राह में आने वाली ऐसी दो बड़ी अड़चन बताया जिसने पिछले साल आर्थिक वृद्धि की रफ्तार को प्रभावित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सात प्रतिशत की मौजूदा वृद्धि दर देश की जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है।
विज्ञापन


बर्कले स्थित कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को भारत के भविष्य पर आयोजित द्वितीय भट्टाचार्य व्याख्यान में राजन ने कहा कि दो साल पहले नोटबंदी और जीएसटी इन दो मुद्दों से प्रभावित होने से पहले 2012 से 2016 के बीच चार साल के दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि काफी तेज रही। नोटबंदी और जीएसटी के दो लगातार झटकों ने देश की आर्थिक वृद्धि पर गंभीर असर डाला। 
विज्ञापन


देश की वृद्धि दर ऐसे समय में गिरने लगी जब वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर गति पकड़ रही थी।’ राजन ने कहा कि 25 साल तक सात प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर बेहद मजबूत वृद्धि है, लेकिन कुछ मायनों में यह भारत के लिए वृद्धि की नई सामान्य दर बन चुकी है, जोकि पहले साढ़े तीन प्रतिशत हुआ करती थी। साथ ही उन्होंने कहा, ‘सच यह है कि जिस तरह के लोग श्रम बाजार से जुड़ रहे हैं उनके लिए सात प्रतिशत पर्याप्त नहीं है और हमें अधिक रोजगार सृजित करने की जरूरत है। हम इस स्तर पर संतुष्ट नहीं हो सकते हैं।’ 
विज्ञापन
विज्ञापन


वैश्विक वृद्धि के प्रति भारत के संवेदनशील होने की बात स्वीकार करते हुए राजन ने कहा, ‘भारत अब काफी खुली अर्थव्यवस्था है। अगर विश्व वृद्धि करता है तो भारत भी वृद्धि करता है। 2017 में यह हुआ कि विश्व की वृद्धि के गति पकड़ने के बाद भी भारत की रफ्तार सुस्त पड़ी। इससे पता चलता है कि नोटबंदी और जीएसटी वास्तव में गहरे झटके थे। इन झटकों के कारण हमें ठिठकना पड़ा।’


वित्त मंत्री जेटली ने किया था बचाव

राजन से उलट, नोटबंदी की दूसरी वर्षगांठ (8 नवंबर) पर मोदी सरकार के फैसले का बचाव करते वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था, ‘नोटबंदी से प्रलय की भविष्यवाणी कर रहे लोग गलत साबित हुए। पिछले दो साल के आंकड़ों से पता चलता है कि टैक्स का दायरा बढ़ा है। अर्थव्यवस्था अधिक औपचारिक हुई और लगातार पांचवें साल भारत सबसे तेजी से वृद्धि करने वाली मुख्य अर्थव्यवस्था बना हुआ है।’
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed