फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   'Doosra Dabba Dekh le Yahaan Jagah Nahi'

दूसरा डब्बा देख ले, यहां जगह नहीं है

Fri, 05 Feb 2016 02:07 PM IST
ब्रजेश उपाध्याय/ बीबीसी संवाददाता, वॉशिंगटन
ब्रजेश उपाध्याय/ बीबीसी संवाददाता, वॉशिंगटन Updated Fri, 05 Feb 2016 02:07 PM IST
विज्ञापन
'Doosra Dabba Dekh le Yahaan Jagah Nahi'

खचाखच भरे प्लेटफार्म पर पहले से ही काफी हद तक भरी ट्रेन पहुंचती है। एक डब्बे में थोड़ी सी जगह है। एक हाथ में गफ्फार मार्केट से खरीदा हुआ नकली वीआईपी सूटकेस, दूसरे में छोटी बच्ची की ऊंगलियां थामे, पीछे-पीछे चांदनी चौक से खरीदी चमकीली साड़ी लपेटे और एक भारी गठरी लिए अपनी पत्नी को आंखों से धकियाते हुए आप उस डब्बे की तरफ भागते हैं।

विज्ञापन


पहले से डब्बे में बैठे लोगों ने अंदर से कुंडी लगा रखी है। आप गिड़गिड़ाते हैं, घिघियाते हैं, मिन्नतें करते हैं - अरे भईया दरवाजा खोल दो, छोटी बच्ची है साथ में, जाना बहुत जरूरी है। अंदर चल रही ताश की बाजी के बीच से कोई सर उठाता है और कहता है - दूसरा डब्बा देख ले। आप और घिघियाते हैं, इंसानियत का हवाला देते हैं, बच्ची चीख रही है, पत्नी कातर आंखों से हाथ जोड़ कर दरवाजा खोलने की मिन्नतें कर रही है। ट्रेन चलने को है।
विज्ञापन


आखिर एक को तरस आता है। कुंडी खोल देता है। अब आप डब्बे के अंदर हैं। ट्रेन चल पड़ी है। आप ऐडजस्ट हो गए हैं, फैल गए हैं। थोड़ी देर में अगला स्टेशन आता है। आप जैसा ही एक और परिवार डब्बे की तरफ भाग रहा है। आप दरवाजे पर जाते हैं। कुंडी अंदर से बंद कर लेते हैं। बाहर से वो परिवार मिमिया रहा है। आप कहते हैं - दूसरा डब्बा देख ले, यहां जगह नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

'ट्रंप की पॉलिसी सही है'

'Doosra Dabba Dekh le Yahaan Jagah Nahi'

अमेरिकी चुनाव की रिपोर्टिंग के दौरान कई बार यहां आकर बसे अपने देसियों से या फिर अरब देशों से आए लोगों से भी बात करता हूं तो ये पूरा सीन जो मैंने दिखाया उसकी झलक नजर आने लगती है। एक मस्जिद में जाता हूं, बहस डॉनल्ड ट्रंप के मुसलमानों पर रोक लगाने की बात से शुरू होती है।

सब एक सुर में ट्रंप को गलियाते हैं। फिर पूछता हूं कि मेक्सिको से रोजी रोटी की तलाश में जो लोग यहां घुसने की कोशिश करते हैं उन्हें रोकने के लिए बड़ी सी दीवार बनाने की जो बात कर रहे हैं ट्रंप उस बारे में क्या खयाल है? एक साहब फौरन कहते हैं - "ट्रंप की वो पॉलिसी सही है। ये लोग गलत तरीके से यहां घुस आए हैं और बहुत गंध फैला रहे हैं। अगर उन्हें ऐसे ही घुसने दिया तो अमेरिका का बंटाधार हो जाएगा।"

मस्जिद के बाद एक और देसी साहब से मिलता हूं। काफी मेहनत के बाद उन्होंने यहां पांव जमाया है। कहते हैं, "आप मीडिया वाले बेचारे को विलेन बना रहे हैं।। उसके बयानों को नमक-मिर्च लगाकर पेश करते हैं। वो कह रहा है कि जब तक हम समझ न लें कि अमेरिकी-मुसलमान आईसिस और दूसरे ऐसे आतंकवादियों के लिए क्या सोच रहा है तब तक बाहर से आने वाले और मुसलमानों पर रोक लगना चाहिए। इसमें क्या गलत है।"

मुसलमानों के लिए दरवाजा बंद करे अमेरिका

'Doosra Dabba Dekh le Yahaan Jagah Nahi'

एक तीसरे साहब मिले जो सूडान से यहां आकर बसे हैं, काफी अच्छे ओहदे पर हैं, पांच बार नमाज भी पढ़ते हैं। उनकी माने तो यूरोप और अमरीका दोनों ही को सीरिया, इराक, अफगानिस्तान से भाग रहे मुसलमानों के लिए दरवाजा बंद कर देना चाहिए क्योंकि हल उसी से निकलेगा।

कहने लगे, "इस्लामी दुनिया को एक चर्निंग (मंथन) की जरूरत है तभी हालात बदलेंगे। लोग मरेंगे, खून-खराबा होगा लेकिन एक बेहतर समाज बनेगा। हम लोगों को इससे दूर रहना चाहिए।"

उनका कहना था कि इन देशों से आ रहे ये मुसलमान यहां रह रहे मुसलमानों का नाम खराब करेंगे और उनके लिए खतरा पैदा करेंगे। मेरे दिमाग में फिर से वो भीड़ भरा प्लेटफॉर्म कौंध गया। उनका "हम लोगों" कहना भी डब्बे के अंदर का सीन दिखा गया।

नए घर को ही जड़ की तरह पकड़ रहे लोग

'Doosra Dabba Dekh le Yahaan Jagah Nahi'

मैने तहजीब के दायरे में रहते हुए सवाल किया: "आप बरसों पहले आ गए। अगर नहीं आए होते, अपने बाल-बच्चों के साथ उन्हीं देशों में रह रहे होते और आज जैसी नौबत आती तब भी आप ये बात कह पाते?

क्या आप उन्हें उस मंथन का हिस्सा बनने देते या फिर उनकी जान बचाने के लिए वहां से भागते?" वो थोड़े से नाराज हो गए।आप इन्हें गलत मत समझिएगा। आपकी तरह ये सब बेहद अच्छे लोग हैं, अपनी मेहनत और लगन के बल पर इस मुकाम पर पहुंचे हैं और अगर आप डब्बे के अंदर घुस आए तो आपकी मदद भी करेंगे।

अपने नए घर और पुरानी जड़ में से एक को चुनना कई बार उनकी मजबूरी लगती है। अपने नए घर को ही जड़ की तरह पकड़ने की कोशिश करते हैं। जलकुंभी की तरह हवाओं के रुख के साथ हो लेते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed