लास वेगास हमला: घायलों से मिलने हॉस्पिटल पहुंचे ट्रंप, इस सवाल का नहीं दे पाए जवाब
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को लास वेगास में 2 अक्तूबर को हुई गोलाबारी में घायल हुए लोगों से मिलने पहुंचे। यह आधुनिक अमेरिका के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी गोलीबारी थी, जिसमें 59 लोगों की मौत हुई, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
इस मौके पर उन्होंने मीडिया से बातचीत की और अमेरिका में बंदूक पर रोक लगाने के सवाल को टाल दिया। राष्ट्रपति ट्रंप ने लास वेगास के स्थानीय राजनेताओं से भी मुलाकात की और इस घटना के प्रति दुख जाहिर किया।
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सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक मीडिया से बातचीत के दौरान उनसे अमेरिका में बंदूकों को लेकर कानून पर सवाल किए गए, लेकिन वह इन सवालों से बचते नजर आए। उन्होंने कहा कि इस वक्त मैं इस मुद्दे पर बात करने नहीं आया हूं।
On behalf of a GRATEFUL NATION, THANK YOU to all of the First Responders (HEROES) who saved countless lives in Las Vegas on Sunday night. pic.twitter.com/ZxuMYWnNHv
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) October 5, 2017
उन्होंने कहा कि हम इस मुद्दे पर अभी बात करने नहीं आए हैं। ट्रंप ने अस्पताल का दौरा किया और घायलों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि हमारी एकता किसी भी बुराई के तोड़ने से नहीं टूट सकती। इस हादसे में जो लोग घायल हुए हम उनके दर्द को समझ नहीं सकते, हम उनके नुकसान की कल्पना नहीं कर सकते। इस मौके पर उन्होंने उन सभी अधिकारियों की तारीफ की जिन्होंने लोगों की जान बचाई थी।
हमले की वजह का नहीं चल सका पता
बता दें कि इस हमले को लास वेगास के रहने वाले 64 साल के स्टीफन पैडॉक ने अंजाम दिया था। अमेरिकी पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि पैडॉक ने ऐसा क्यों किया। इसके लिए अमेरिकी अधिकारी पैडॉक की गर्लफ्रेंड मैरिलौ डैनले से भी पूछताछ करेंगे। डैनले घटना के वक्त देश से बाहर थी।
कमरे में मिलीं 10 राइफल
शुरुआती रिपोर्ट से पता चलता है कि पैडॉक के होटल कमरे में 10 से अधिक राइफलें थीं। लोम्बार्डो ने बताया कि पैडॉक का किसी आतंकी समूह से कोई संबंध नहीं है। पहले प्रशासन ने यह भी बताया था कि हमलावर के साथ कमरे में महिला मित्र भी थी लेकिन बाद में पता चला कि इस हमले से उसका कोई लेना देना नहीं था।
ISIS ने किया था दावा
घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने अपने प्रोपेगेंडा संसाधनों की मदद से इस हमले की जिम्मेदारी लेने की कोशिश की थी और दावा किया था कि हमलावर हाल ही में उसका सदस्य बना था। अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई ने आईएसआईएस के इस दावे को खारिज कर दिया।