'महात्मा गांधी पर गलतबयानी' के कारण फंसे ट्रंप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवारी हासिल करने में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से आगे चल रहे डॉनल्ड ट्रंप एक बार फिर विवादों में हैं।
इस बार उन पर आरोप है कि उन्होंने महात्मा गांधी को लेकर गलतबयानी की है।
अलबामा में आयोजित चुनावी रैली की एक तस्वीर के साथ ट्रंप ने इंस्टाग्राम पर लिखा है, ''पहले वो आपकी अनदेखी करेंगे, फिर वो आप पर हंसेंगे, फिर वो आपसे लड़ेंगे और तब आप जीत जाएंगे: महात्मा गांधी।''
इस पोस्ट के बाद ट्रंप की आलोचना शुरू हो गई है। अमेरिकी मीडिया का कहना है कि इस बात के प्रमाण नहीं हैं कि महात्मा गांधी ने कभी इन शब्दों का प्रयोग किया था।
ट्रंप विरोधी लॉबी सोशल मीडिया पर सक्रिय
ट्रंप विरोधी लॉबी सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गई है। स्कॉट टी स्मिथ ने ट्विटर पर लिखा, ''गांधी ने यह नहीं कहा था।''
'द हिल' नाम की अमेरिकी राजनीतिक वेबसाइट ने लिखा, ''इस बात का कोई रिकार्ड नहीं है कि गांधी ने कभी इस मुहावरे का प्रयोग किया, जिसे उनका बताया जा रहा है।''
कुछ इसी तरह की बात समाजवादी नेता निकोलस क्लिन ने 1918 में मजदूरों की एक सभा में की थी। क्रिश्चियन साइंस मॉनिटर ने इसे दस प्रमुख गलत उद्धरणों में शामिल किया है।
हालांकि इस विवाद पर अभी ट्रंप खेमे ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसके पहले डॉनल्ड ट्रंप ने एक पैरोडी अकाउंट से इटली के फासीवादी नेता मुसोलिनी से जुड़े एक कोट को री-ट्वीट किया था।
इसमें लिखा था, "100 साल तक एक भेड़ की तरह जीने से अच्छा है कि केवल एक दिन शेर की तरह जियो।" इस री-ट्वीट के लिए भी डॉनल्ड ट्रंप को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा।