अमेरिकी कॉलेज में हुए कत्लेआम को लेकर हुआ एक बड़ा खुलासा
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अमरीका में कुछ दिन पहले ओरेगॉन कॉलेज में नौ लोगों की हत्या करने के बाद 26 वर्षीय क्रिस हार्पर मर्सर ने खुद को गोली मार ली थी। डगलस काउंटी के शेरिफ जॉन हेनलिन ने बताया है कि शव की जांच करने वाले डॉक्टर ने मौत का कारण आत्महत्या बताया है।
पहले खबर आई थी कि गोलीबारी के बाद पुलिस मुठभेड़ में उनकी मौत हो गई थी। एक प्रेसवार्ता के दौरान अधिकारियों ने बताया है कि क्रिस उसी कॉलेज में पढ़ता था जहां उन्होंने गोलीबारी को अंजाम दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि क्रिस के घर की जांच करने पर वहां से 14 हथियार भी बरामद हुए थे।
धर्म हो सकती है वजह
यह अभी साफ नहीं है कि क्रिस ने आखिर ऐसा क्यों किया। हालांकि इस हमले में बचने वाले दो पीड़ितों के अनुसार क्रिस ने लोगों को मारने से पहले उनका धर्म पूछा।
जिसने भी खुद को ईसाई बताया क्रिस ने उन्हें गोली मार दी। वहीं उसके पिता ईयान मर्सर का कहना है कि उनके बेटे ने जो भी किया उससे वो बहुत ही सदमे में हैं।
गुरुवार को क्रिस उम्पक्वा कम्युनिटी कॉलेज में छह बंदूकें लेकर आया और वहां मौजूद लोगों पर गोलियां चलाईं, जिसमें आठ छात्रों और एक शिक्षक की मौत हो गई।
'प्रार्थना अब काफी नहीं'
राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शस्त्र कानून को कड़ा करने की मांग करते हुए कहा है, "प्रार्थना अब काफी नहीं है।" ओबामा ने कहा इस तरह की घटनाएं अब नियमित हो गई हैं।
उन्होंने कहना था कि धरती पर हम इकलौते देश नहीं हैं जहां दिमागी रूप से बीमार लोग हैं और दूसरे लोगों को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। ओबामा ने आगे कहा, "लेकिन हम धरती में इकलौते विकसित देश हैं, जहां तकरीबन हर महीने गोलीबारी की घटनाएं होती हैं।"