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डेविड हेडली के तार चरमपंथ से कैसे जुड़े?

बीबीसी हिंदी Updated Fri, 25 Jan 2013 04:13 PM IST
david headley profile
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मुंबई पर साल 2008 में हुए चरमपंथी हमलों के सिलसिले में लश्कर-ए-तैयबा के संदिग्ध सदस्य डेविड हेडली को अमेरिका की एक अदालत ने 35 साल की सजा सुनाई है।
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डेविड कोलमेन हेडली का एक नाम दाऊद सैयद गिलानी भी है जो पाकिस्तान मूल का शिकागो स्थित अमेरिकी कारोबारी है।

हेडली का जन्म वॉशिंगटन डीसी में हुआ था जहां उसके पिता सैयद सलीम गिलानी वॉयस ऑफ अमेरिका के लिए काम करते थे।

सैयद सलीम गिलानी और उनकी पत्नी सेरिल हेडली की शादी टूटने के बाद गिलानी अपने बेटे डेविड और बेटी के साथ पाकिस्तान लौट गए थे।

पाकिस्तान के कैडेट कॉलेज से पढ़ाई
पाकिस्तान में डेविड हेडली ने कैडेट कॉलेज में पढाई की जहां बच्चों को सेना में भर्ती होने के लिए तैयार किया जाता है। वर्ष 1977 में डेविड की मां पाकिस्तान आईं और उसे अपने साथ लेकर अमेरिका चलीं गईं।

सेरिल हेडली फिलाडेल्फिया में खैबर पास नामक एक पब चलाती थी। वर्ष 2008 में उनका निधन हो गया था। वहीं हेडली भी फिलाडेल्फिया में ही एक वीडियो स्टोर चलाता था। वर्ष 1988 में उन्हें पाकिस्तान से हेरोइन तस्करी का दोषी पाया गया था।

अमेरिका के लिए खुफिया मदद
हेडली की गिरफ्तारी के बाद उनके पाकिस्तान में मादक पदार्थ की तस्करी करने वालों से संबंधों का और ब्योरा मिला पर उन्हें दो साल से भी कम समय के लिए जेल की सजा मिली।

इसके बाद वे अमेरिका के लिए खुफिया जानकारी जुटाने के लिए पाकिस्तान गए। साल 2006 में दाऊद सैयद गिलानी की जगह उन्होंने अपना नाम डेविड हेडली कर लिया, ताकि वे अमेरिका और अन्य देशों की सीमाएं आसानी से पार कर सकें।

हेडली ने अपने परिवार को शिकागो में ही बसाया, जहां उसने तहव्वुर हुसैन राणा की आव्रजन एजेंसी के लिए काम करने का दावा किया। राणा पाकिस्तान के कैडेट कॉलेज में हेडली के साथ पढ़ा था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के प्रवक्ता दानियाल गिलानी, हेडली के सौतेले भाई हैं।

मुंबई हमले का ब्यौरा
दो साल पहले अमेरिकी अदालत में अपना अपराध कबूल करते हुए डेविड हेडली ने मुंबई हमले का पूरा ब्यौरा दिया है।

तब हेडली ने बताया कि वर्ष 2005 में लश्करे तैयबा के तीन सदस्यों के निर्देश के अनुसार, उन्होंने भारत जाकर अपनी योजनाओं के लिए जानकारी जुटानी शुरू की थी।

वर्ष 2006 की शुरुआत में उन्होंने लश्कर के दो सदस्यों के साथ भारत में अपनी गतिविधियों को छुपाने के लिए मुंबई में एक आप्रवासन कार्यालय खोलने की योजना बनाई थी।

तब हेडली ने बताया कि था कि उन्होंने सितंबर, 2006, फरवरी और सितंबर 2007 और अप्रैल-जुलाई 2008 में भारत के पांच दौरे किए थे। साथ ही हर दौरे में उन्होंने अलग-अलग जगहों के वीडियो भी बनाए थे।

ये वो ही जगहें थीं जो आगे चलकर चरमपंथी हमलों का निशाना बनाया जा सकता था। इनमें नवंबर, 2008 के मुंबई हमलों के इलाके भी शामिल थे। डेविड हेडली को इस मामले में अमेरिका में ही गिरफ्तार किया गया था।
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