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ICJ में भारत की 'संभावित' जीत से खतरा महसूस कर रहे पांचों विकसित देश
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Mon, 20 Nov 2017 02:28 PM IST
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दलवीर भंडारी
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अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) का जज चुने जाने की प्रक्रिया सोमवार को आखिरी दौर में पहुंच चुकी है, जैसे-जैसे फैसले की घड़ी नजदीक आ रही है वैसे-वैसे यूएन के स्थाई सदस्यों की बेचैनी बढ़ रही है।
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, चुनाव में भारत के उम्मीदवार दलवीर भंडारी के जीतने की संभावना प्रबल है और इस बात का पता लगने से युनाइटेड नेशन की सिक्योरिटी काउंसिल के स्थाई सदस्य सकते में आ गए हैं।
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उनको लगने लगा है कि अगर वैश्विक कोर्ट में भारत के जज ने ब्रिटेन के उम्मीदवार को हरा दिया तो आने वाले वक्त में उनको चुनौती मिल सकती है। बता दें कि ब्रिटेन के क्रिस्टफर ग्रीनवुड और भारत के भंडारी के बीच कांटे की टक्कर है। ऐसे में यूएन की सिक्योरिटी काउंसिल के स्थाई सदस्य यूएस, रूस, फ्रांस, चीन में डर है। इन देशों के अलावा ब्रिटेन भी सुरक्षा परीषद का स्थाई सदस्य हैं।
इस चुनाव की अबतक 11 राउंड हो चुके हैं जिसमें भंडारी को जनरल एसेंबली में जमकर सहयोग मिल रहा है। लेकिन सुरक्षा काउंसिल में भारत स्थाई सदस्य नहीं है ऐसे में वह पीछे हैं।
क्या है मामला
ICJ
ICJ में कुल 15 जज होते हैं जिनका कार्यकाल नौ साल होता है, इसमें से पांच पोस्ट खाली हैं। फ्रांस, ब्राजील, लेबनान से जजों को चुन लिया गया है, अब भारत और यूके के बीच मुकाबला है। ICJ का जज बनाने के लिए जनरल काउंसिल और सिक्योरिटी काउंसिल दोनों के सदस्य वोट करते हैं। भारत के उम्मीदवार जस्टिस दलवीर भंडारी को जनरल एसेंबली में 115 वोट मिले थे वहीं यूके ने 74 वोट हासिल किए। 15 सदस्यों की सुरक्षा परिषद में भारत को छह और यूके को नौ वोट मिले। नियम के हिसाब से उम्मीदवार को जनरल एसेंबली में 97 वोट और सिक्योरिटी काउंसिल में 8 वोट मिलने चाहिए।