{"_id":"218ae54c5c0818422b2e040c32f1dff9","slug":"company-is-not-responsible-for-micheal-jakson-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"माइकल जैकसन की मौत के लिए वो जिम्मेदार नहीं","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
माइकल जैकसन की मौत के लिए वो जिम्मेदार नहीं
Updated Thu, 03 Oct 2013 08:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका की एक अदालत ने माइकल जैक्सन के कंसर्ट को प्रमोट करने वाली कंपनी एईजी लाइव को लापरवाही का दोषी नहीं पाया है।
पॉप स्टार माइकल जैक्सन के परिवार ने एईजी लाइव से भावनात्मक नुक़सान के एवज़ में 29 करोड़ डॉलर और साथ ही आर्थिक नुक़सान के एवज़ में अघोषित हर्जाने की माँग की थी। कंपनी ने इस राशि को बेतुका क़रार दिया था।
माइकल जैक्सन की साल 2009 में हुई मौत के मामले में उनके डॉक्टर कोनॉर्ड मरे को ग़ैर इरादतन हत्या के आरोप में चार साल की सज़ा हुई है।
50 वर्षीय जैक्सन की अधिक मात्रा में सर्जिकल एनेस्थेटिक लेने के कारण मौत हो गई थी।
वे अपने संगीत करियर में वापसी के लिए लंदन में कई कंसर्ट करने वाले थे।
अदालत के फ़ैसले के बाद एईजी लाइव के अधिवक्ता मार्विन एस पुटनैम ने कहा, ''अदालत ने एकदम सही फ़ैसला दिया है। हम इस फ़ैसले से बेहद ख़ुश हैं।"
फ़ैसला
सुनवाई के दौरान जैक्सन के परिवार के वकील ने दलील दी कि कंपनी जैक्सन के कंसर्ट से पैसा कमाना चाहती थी।
छह पुरुषों और छह महिलाओं की खंडपीठ ने कई सीधे सवाल पूछे।
इसके अदालत इस फ़ैसले पर पहुँची कि एईजी लाइव ने ही डॉक्टर मरे को नौकरी पर रखा था और वे अपना काम सही से करने के लिए अयोग्य या अक्षम नहीं थे।
जैक्सन के परिवार के दावे के कामयाब होने के लिए डॉ। मरे का अक्षम तय होना ज़रूरी था।
मुक़दमे की सुनवाई के दौरान परिवार ने दावा किया था कि कंपनी ने डॉ। मरे को नौकरी पर रखने से पहले उनके बारे में जाँच-पड़ताल नहीं की थी। जबकि कंपनी ने मरे को नौकरी से इनकार करते हुए कहा था कि जैक्सन ने ही उन्हें रखने पर ज़ोर दिया था।
मुक़दमे की सुनवाई के दौरान पचास से ज़्यादा लोगों ने गवाही दी जिसमें जैक्सन की माँ कैथरीन और उनका सबसे बड़ा बेटा प्रिंस भी शामिल था।
डॉ. कोनार्ड मरे जेल में दो साल पूरे करने के बाद इस माह के अंत तक रिहा हो सकते हैं।
विज्ञापन
पॉप स्टार माइकल जैक्सन के परिवार ने एईजी लाइव से भावनात्मक नुक़सान के एवज़ में 29 करोड़ डॉलर और साथ ही आर्थिक नुक़सान के एवज़ में अघोषित हर्जाने की माँग की थी। कंपनी ने इस राशि को बेतुका क़रार दिया था।
माइकल जैक्सन की साल 2009 में हुई मौत के मामले में उनके डॉक्टर कोनॉर्ड मरे को ग़ैर इरादतन हत्या के आरोप में चार साल की सज़ा हुई है।
50 वर्षीय जैक्सन की अधिक मात्रा में सर्जिकल एनेस्थेटिक लेने के कारण मौत हो गई थी।
वे अपने संगीत करियर में वापसी के लिए लंदन में कई कंसर्ट करने वाले थे।
अदालत के फ़ैसले के बाद एईजी लाइव के अधिवक्ता मार्विन एस पुटनैम ने कहा, ''अदालत ने एकदम सही फ़ैसला दिया है। हम इस फ़ैसले से बेहद ख़ुश हैं।"
फ़ैसला
सुनवाई के दौरान जैक्सन के परिवार के वकील ने दलील दी कि कंपनी जैक्सन के कंसर्ट से पैसा कमाना चाहती थी।
छह पुरुषों और छह महिलाओं की खंडपीठ ने कई सीधे सवाल पूछे।
इसके अदालत इस फ़ैसले पर पहुँची कि एईजी लाइव ने ही डॉक्टर मरे को नौकरी पर रखा था और वे अपना काम सही से करने के लिए अयोग्य या अक्षम नहीं थे।
जैक्सन के परिवार के दावे के कामयाब होने के लिए डॉ। मरे का अक्षम तय होना ज़रूरी था।
मुक़दमे की सुनवाई के दौरान परिवार ने दावा किया था कि कंपनी ने डॉ। मरे को नौकरी पर रखने से पहले उनके बारे में जाँच-पड़ताल नहीं की थी। जबकि कंपनी ने मरे को नौकरी से इनकार करते हुए कहा था कि जैक्सन ने ही उन्हें रखने पर ज़ोर दिया था।
विज्ञापन
मुक़दमे की सुनवाई के दौरान पचास से ज़्यादा लोगों ने गवाही दी जिसमें जैक्सन की माँ कैथरीन और उनका सबसे बड़ा बेटा प्रिंस भी शामिल था।
डॉ. कोनार्ड मरे जेल में दो साल पूरे करने के बाद इस माह के अंत तक रिहा हो सकते हैं।