खुलासा: कोलंबस नहीं, चीनियों ने की थी अमेरिका की खोज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका को अपना इतिहास शायद फिर से लिखना पड़ सकता है। क्योंकि एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है कि अमेरिका की खोज आज से तकरीबन ढाई हजार साल पहले क्रिस्टोफर कोलंबस नहीं, बल्कि चीनियों ने की थी।
अब तक माना यही जाता रहा है कि अमेरिका के रूप में नई दुनिया की खोज इतालवी नाविक कोलंबस ने 1492 में की थी। फिलहाल इस नए शोध से अमेरिका में एक नई बहस छिड़ गई है।
शोध से सामने आया मामला
एजुकेशन इलिनोइस में शोधकर्ता जॉन रुस्कैंप ने अपने इस शोध के पक्ष में भित्ति चित्रों और चट्टानों पर लिखे हुए ऐतिहासिक साक्ष्य पेश किए हैं, जो अमेरिका के न्यू मैक्सिको एक अल्बुकर्क राष्ट्रीय स्मारक में रखे हुए हैं। इन भित्ति चित्रों के अलावा एशियाई अक्षरों में लिखे हुए कई शिलालेख भी मिले हैं, जो आम तौर पर कहीं नहीं मिलते हैं।
न्यूयॉर्क स्थित इपॉक टाइम्स ने रुस्कैंप के हवाले से कहा है कि मूल अमेरिकी चट्टानों और प्राचीन चीनी लिपियों का मिलान करने पर विशेषज्ञों की सलाह के बाद हम इस नतीजे पर पहुंचे कि हजारों साल पहले चीनी खोजकर्ताओं ने भित्तिचित्रों और शिलालेखों पर अपने इस पढ़ने योग्य संदेशों को संरक्षित किया था।
वहीं स्पेनिश डेली एबीसी ने कहा कि इस तरह के शिलालेखों का यहां पाया जाना यह बताता है कि नाविकों से पहले ही यहां चीनियों ने कदम रखा था।
एरिजोना, यूटाह और कैलिफोर्निया से मिले चीनी लेख
रुस्कैंप ने 82 से ज्यादा ऐसे भित्तिचित्रों और लेखों की खोज की है, जो सिर्फ अल्बुकर्क संग्रहालय से ही नहीं, बल्कि अमेरिका के एरिजोना, यूटाह, नेवादा, कैलिफोर्निया, ओकलाहोम और ओंटारियो से भी प्राप्त किया गया है।
एक संदेश में लिखा गया है कि दस साल यहां साथ रहने के बाद हम सूरज के देश से अपने घर की ओर वापसी करते हैं, क्योंकि हमारी यात्रा पूरी हो चुकी है। आखिर में लिखने वाले के हस्ताक्षरनुमा कुछ प्रतीक बना हुआ है। जिस तरह का चीनी संदेश लिखा हुआ है, वैसा 1046 ईसा पूर्व में चीनी लोग लिखने के लिए इस्तेमाल करते थे।