CIA का खुलासा, 'बैकडोर' से पाकिस्तान को परमाणु शक्ति बना रहा था चीन
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अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA ने हाल ही में कई दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। इन दस्तावेजों से कई बड़े खुलासे हुए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक चीन ने अपने बेहद खास दोस्त पाकिस्तान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को बल देने के लिए अमेरिका के साथ अपने परमाणु सहयोग को भी दांव पर लगा दिया था।
खबर के मुताबिक सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों से पता चलता है कि चीन ने पाकिस्तान के साथ एक न्यूक्लियर अग्रीमेंट साइन करने के बाद अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की निगरानी के लिए पाक से उसके परमाणु प्रतिष्ठानों की जानकारी साझा करने की मांग नहीं की थी।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक अमेरिका का कहना है कि चीन इस अग्रीमेंट के जरिए पाकिस्तान के 'असंवेदनशील' इलाकों में एक न्यूक्लियर एक्सपोर्ट मार्केट डेवलप करना चाहता था।
चीन ने पाक को दिया था बम बनाने का सामान!
खबर के मुताबिक 1983-84 तक अमेरिका को इस बात का पता चल चुका था कि चीन-पाकिस्तान परमाणु सहयोग काफी गहरा चुका है। इसी साल फरवरी 1983 में अमेरिकी खूफिया एजेंसी CIA ने अमेरिकी कांग्रेस की एक समिति को जानकारी दी थी कि अमेरिका के पास चीन और पाकिस्तान के बीच परमाणु हथियारों के निर्माण को लेकर चल रही बातचीत के सबूत हैं।
CIA ने अमेरिकी कांग्रेस समिति को यह भी बताया कि लोप नॉर में टेस्ट किए गए परमाणु बम की डिजाइन चीन ने ही पाकिस्तान को मुहैया कराई थी। आपको बता दें कि यह चीन का चौथा परमाणु परीक्षण था।
अमेरिका का मानना है कि चीन के लोप नॉर परमाणु परीक्षण के समय पाकिस्तान का एक वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद था। यही नहीं अमेरिका को इस बात का भी संदेह था कि चीन ने पाकिस्तान को न केवल बम बनाने की डिजाइन बल्कि जरूरी सामान भी उपलब्ध कराया है।