फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   china using loan diplomacy against india by using Sri Lanka Hambantota Port

पैसों के दम पर भारत को धीरे-धीरे 'घेर' रहा चीन, फैला रहा अपना जाल

Tue, 26 Jun 2018 08:31 PM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, न्यूयॉर्क
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, न्यूयॉर्क Updated Tue, 26 Jun 2018 08:31 PM IST
विज्ञापन
china using loan diplomacy against india by using Sri Lanka Hambantota Port

चीन दुनिया के जरूरतमंद देशों को कर्ज के जाल में फंसाकर वहां अपना प्रभुत्व स्थापित करने की कोशिश में है। एशिया में कई ऐसे देश हैं, जहां चीन ने विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए बड़ी मात्रा में धनराशि उपलब्ध करवाई है। 

विज्ञापन


भारत से कुछ ही सैकड़ों मील दूर श्रीलंका का हमबंटोटा बंदरगाह इसी का उदाहरण है। इस बंदरगाह के विकास के लिए चीन ने बड़ी मात्रा में वित्तीय मदद मुहैया कराई और इसका उद्देश्य श्रीलंका को अपने ऋण जाल में फंसाना है। न्यूयॉर्क टाइम्स में छपे एक लेख में यह दावा किया गया है।
विज्ञापन


लेख के मुताबिक, चीन की चालों को समझने के लिए किए गए एक अध्ययन से निष्कर्ष निकाला गया है कि यह बंदरगाह चीन को छोड़ किसी अन्य देश या खुद श्रीलंका के लिए भी फायदेमंद साबित नहीं होगा। क्योंकि चीन इससे सिर्फ अपने हित साधेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेख में कहा गया है कि भारत अपने पड़ोसी श्रीलंका को कई अवसरों पर वित्तीय मदद मुहैया करा चुका है। लेकिन इस परियोजना के लिए उसने ऋण देने से मना कर दिया था, जिसके बाद चीन ने श्रीलंका ओर मदद का हाथ बढ़ाया। लेकिन यह मदद कम और खुद के रणनीतिक फायदे के लिए अधिक था। इस बंदरगाह का विकास श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के कार्यकाल में शुरू हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक, राजपक्षे ने जब भी चीन की ओर मदद के लिए हाथ फैलाया, उन्हें जरा भी निराशा हाथ नहीं लगी।

करना पड़ा बीजिंग के हवाले

china using loan diplomacy against india by using Sri Lanka Hambantota Port
china cabinet reshuffle

यहां चीन का दखल व प्रभाव इस कदर बढ़ गया कि श्रीलंका सरकार को मजबूरन दिसंबर 2017 में हमबंटोटा बंदरगाह को चीन के हवाले करना पड़ा। साथ ही श्रीलंका ने इसके आसपास की 15 हजार एकड़ जमीन का हिस्सा भी चीन के हवाले कर दिया। इसकी वजह से चीन को भारतीय तटों से महज कुछ सौ मील दूर तक की भूमि पर नियंत्रण हासिल हो गया।

राजपक्षे के चुनाव अभियान के लिए आए पैसे

रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका में 2015 में हुए चुनाव के दौरान बंदरगाह निर्माण से जुड़े चीनी पक्ष की ओर से राजपक्षे के चुनाव अभियान को बड़ी मात्रा में धनराशि दी गई थी। श्रीलंका आज चीन से मिले कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। श्रीलंका पर यह कर्ज अब तक का सबसे बड़ा ऋण है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed