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चीनियों ने तोड़ी CIA की कमर, एजेंट्स को मार ध्वस्त कर दिया पूरा नेटवर्क

amarujala.com- Written by: श्रवण शुक्ला Updated Sun, 21 May 2017 03:03 PM IST
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चीनियों ने तोड़ी CIA की कमर, एजेंट्स को मार ध्वस्त कर दिया पूरा नेटवर्क
चीनियों ने तोड़ी CIA की कमर, एजेंट्स को मार ध्वस्त कर दिया पूरा नेटवर्क - फोटो : telegraph

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चीनी जासूसी एजेंसियों ने चीन में फैले अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। चीनियों ने न सिर्फ नेटवर्क ध्वस्त किया,बल्कि धीरे धीरे सीआईए के अधिकतर एजेंट्स मार गिराए। खास बात ये है कि इस कॉउंटर इंटेलीजेंस का कोई भी क्लू अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के हाथ नहीं लग पाया है, जबकि काफी समय और धन खर्च कर बनाए गए उसके अधिकतर एजेंट्स चीनी इंटेलीजेंस के लोगों ने मार गिराए हैं।
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अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ 2010 और 2012 के बीच ही चीनियों ने कम से कम 20 अमेरिकी जासूसों को या तो पकड़कर जेल में बंद कर दिया है, या फिर उन्हें मार डाला है। चीनियों ने अपने कॉउंटर इंटेलीजेंस में इतनी सफाई रखी, कि अधिकतर एजेंट्स के बारे में सीआईए को सही जानकारी तक नहीं मिल पाई हैं। वो धीरे-धीरे चीन में गायब होते गए और सीआईए हाथ मलती रह गई। वैसे, चीनियों ने एक एजेंट को सरकारी बिल्डिंग में ही अमेरिकियों के सामने दिन-दहाड़े मौत के घाट उतारकर ये साफ कर दिया था कि उसके एजेंट चीनियों की नजर में हैं और वो छिप नहीं सकते। जिस समय चीनियों ने अमेरिकी एजेंट को सरकारी बिल्डिंग में मौत के घाट उतारा था, उसी समय कम से कम 3 अमेरिकी एजेंट उस बिल्डिंग में मौजूद थे पर कुछ नहीं कर सके।


न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट का मानें तो सीआईए ने साल 2010 तक चीन में अपने एजेंट्स का मजबूत नेटवर्क बना लिया था। इसमें से कुछ एजेंट्स चीनी ब्यूरोक्रेसी के भी थे। वहीं कुछ चीनी इसलिए सीआईए की मदद कर रहे थे, क्योंकि उन्हें विश्वास था कि चीनी सरकार के अंदर के भ्रष्टाचार के भंडाफोड़ में सीआईए मदद देगी। साल 2010 तक अमेरिका को इन्हीं सीआईए एजेंट्स से अबतक सबसे बेहतर इंटेलीजेंस इनपुट मिले थे, जो एजेंसी के लिए बेहद जरुरी थे। पर साल 2011 के शुरुआत से सीआईए के एजेंट्स रहस्यमय तरीके से गायब होने लगे।

सीआईए को जब अपने एजेंट्स के गायब होने की खबरें मिली, तो वो चौकन्ना तो हुआ ही साथ ही जांच भी शुरू कर दी। पर इसका नतीजा कुछ नहीं निकला। वो न तो चीनी इंटेलीजेंस को भेद पाए और न ही इस बात का पता लगा पाए कि चीनियों को सीआईए एजेंट्स की जानकारी किसने दी। हालांकि माना जा रहा है कि उकने मीटिंग, आने जाने के रास्तों पर चीनी इंटेलीजेंस की नजर थी। यहां तक कि जब वो होटल में या कहीं भी मीटिंग करते थे तो वेटर के तौर पर चीनी एजेंट्स उस मीटिंग तक में घुसपैठ कर लेते थे। वैसे, सच क्या है-ये किसी को नहीं मालूम।

आपको भले ही ये फिल्मी कहानी सरीखी लग रही हो, पर सच तो ये है कि इंटेलीजेंस की दुनिया बेहद बेरहम होती है। इंटेलीजेंस की दुनिया में गलतियों की गुंजाइश नहीं होती। छोटी सी चूक भी मौत का सामना करा देती है। ऐसी ही छोटी छोटी चूकों पर चीनियों ने नजर रखी। ये बात साफ दर्शाता है कि चीन का इंटेलीजेंस नेटवर्क कितना मजबूत है।

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