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अमेरिका ने ग्रीन कार्ड धारकों के लिए कड़े किए नियम, शादी कर भी नहीं रह सकेंगे साथ-साथ

Sun, 04 Nov 2018 10:13 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 04 Nov 2018 10:13 AM IST
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Can't live in america even marrying green card holder one have to go through official interview
प्रतीकात्मक तस्वीर
अमेरिका में नागरिकता को लेकर सरकार दिन पर दिन सख्त होती जा रही है। आये दिन प्रवासियों को लेकर बन रहे नए कानून से साफ जाहिर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के देश में रहने के लिए कई प्रक्रियाओं को पार करना होगा। 
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अमेरिका में भारतीय शादीशुदा दंपति के साथ में रहने के भी कुछ नियम कानून हैं जिसको पार करने के बाद ही वे अमेरिका में साथ रह सकते हैं। किसी नागरिकता प्राप्त या ग्रीन कार्ड धारक से शादी करने का ये मतलब नहीं की पति या पत्नी को भी अमेरिका में रहने का अधिकार मिल जायेगा। वहां रहने के लिए एक साक्षात्कार से होकर गुजरना होगा। 
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आव्रजन वकील के अनुसार, वाणिज्य दूतावास भलीभांति पारंपरिक भारतीय शादी से अवगत होते हैं। साथ ही उन्हें ये भी मालूम होता है कि अरेंज विवाह और अंतर जाति विवाह के भारत में क्या मायने हैं। इन सभी बातों को मद्देनजर रखते हुए ही पति या पत्नी से सवाल पूछे जाते हैं। 
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यहां तक की, सबूत के तौर पर शादी का एलबम, शादी के दौरान हुए खर्चों की रसीद, बुकिंग और हनीमून बुकिंग आदि की भी जांच होती है। हालांकि, यदि शादी धूमधाम से न हुई हो और कोर्ट में कानूनी तौर पर हुई हो तब भी शादी मान्य होती है। ऐसी परिस्थिति में कानूनी कागजात महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन संदेह की अवस्था में गंभीर जांच पड़ताल हो सकती है। 

धोखाधड़ी जांच एवं राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एफ एन डीएस) ने आव्रजन अधिकारीयों को सलाह दी है की वे शादीशुदा दंपतियों के सोशल नेटवर्किंग साइट्स की भी पूरी जांच करें की उनका रिश्ता वैध है या नहीं। 

साक्षात्कार में पति एवं पत्नी दोनों को ही अलग बैठाया जाता है जहां उनसे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी से लेकर आदतों और खानपान से जुड़े किसी भी प्रकार के सवाल पूछे जा सकते हैं। 

अमेरिकी वाणिज्य अधिकारीयों को  भारतीय परंपरा की असंख्य बारीकियों से अवगत कराया जाता है जिसके आधार पर ही साक्षात्कार में सवाल किये जाते हैं, जैसे की अपमी ही जाति में शादी करने का दबाव  और इस प्रकार की परिस्तिथियों में अधिकारीयों की प्रसाशनिक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। 

बता दें की, किसी ग्रीन कार्ड धारक या अमेरिकी नागरिकता प्राप्त व्यक्ति के पति या पत्नी फैमिली 2 A प्रेफरेंस के अंतर्गत अप्रवासी वीजा पर रहने की अनुमति है। 
अस्थायी रूप से अमेरिका में काम कर रहे व्यक्तियों (जिनके पास H1-B वीजा है)  के पति या पत्नी को डेपेंडेंट वीजा जो 90 दिनों के लिए वैद्य होता है पर रहने की अनुमति होती है। 

हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि, गैर अमेरिकी नागरिकों के बच्चों को अमेरिका में जन्म लेने के साथ ही मिलने वाली नागरिकता के अधिकार को खत्म करने के लिये किसी संविधान संशोधन की जरूरत नहीं है, बल्कि इसे शासकीय आदेश के जरिये भी किया जा सकता है।


अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘आपको जन्मजात नागरिकता के लिये संविधान संशोधन की जरूरत नहीं है। मेरा मानना है कि इसे कांग्रेस में साधारण मतदान के जरिये भी किया जा सकता है। कुछ बेहद प्रतिभाशाली विधि के जानकारों से मुलाकात करने के बाद मेरी राय में इसे शासकीय आदेश के जरिये भी किया जा सकता है।’’ 

 
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