फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   Britain is planning to stop India in ICJ

ICJ में भारत को रोकने के लिए ब्रिटेन की चाल, सुरक्षा परिषद में कर सकता है वोटिंग रोकने की कोशिश

Mon, 20 Nov 2017 03:38 AM IST
एजेंसी/ संयुक्त राष्ट्र
एजेंसी/ संयुक्त राष्ट्र Updated Mon, 20 Nov 2017 03:38 AM IST
विज्ञापन
Britain is planning to stop India in ICJ
दलवीर भंडारी - फोटो : FILE PHOTO

अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में सोमवार को होने वाले मतदान में भारत के उम्मीदवाद दलवीर सिंह भंडारी को रोकने के लिए ब्रिटेन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ज्वाइंट कांफ्रेंस मैकेनिज्म का इस्तेमाल कर सकता है। इससे मतदान रुक जाएगा। यह जानकारी देते हुए एक राजनयिक सूत्र ने कहा कि पिछले 96 साल में ऐसा कभी नहीं हुआ जब किसी देश ने ऐसा किया हो।

विज्ञापन


पढ़ें: अमेरिका, ब्रिटेन ने गुपचुप तरीके से IS लड़ाकों को सीरिया से बाहर निकाला: रिपोर्ट
विज्ञापन


दरअसल भंडारी और ब्रिटेन के क्रिस्टोफोर ग्रीनवुड में आईसीजे के पुनर्मतदान में कड़ा मुकाबला चल रहा है। हर तीन साल में 15 सदस्यों वाली बेंच के एक तिहाई सदस्य नौ साल के लिए चुने जाते हैं। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा के साथ ही सुरक्षा परिषद में भी मतदान होता है। भंडारी को 193 सदस्यों वाली महासभा में दो तिहाई वोट मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जबकि आईसीजे में नौ साल के लिए जज रह चुके ग्रीनवुड उनसे 50 वोट पीछे हैं। लेकिन सुरक्षा परिषद में भंडारी को पांच और ग्रीनवुड को नौ वोट मिले हैं। इसलिए 11 चरण में मतदान होने के बावजूद अब तक फैसला नहीं हो सका है। अब महासभा और सुरक्षा परिषद सोमवार को 12 वें चरण के लिए अलग-अलग बैठक करेंगे। 

ब्रिटेन को मालूम है कि महासभा में वह भारत के उम्मीदवार भंडारी को नहीं रोक पाएगा। इसलिए वह सुरक्षा परिषद में अपनी सीट का इस्तेमाल करते हुए वोटिंग रोकने की कोशिश कर सकता है। इसके लिए ब्रिटेन को सुरक्षा परिषद के नौ सदस्यों के वोट चाहिए होंगे। ब्रिटेन का यह प्रस्ताव सभी कानूनी सलाहों के विपरीत है क्योंकि आईसीजे के सात दशकों के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ।


पढ़ें: ब्रिटेन के स्कूलों के एडमिशन फॉर्म से हटेंगे माता-पिता के नाम

सिर्फ संयुक्त राष्ट्र के गठन से पहले 1921 में इस तरह से अंतरराष्ट्रीय न्यायाधीश का चुनाव हुआ था।

भारत ने किया विरोध
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने ज्वाइंट कांफ्रेंस मैकेनिज्म का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग संयुक्त राष्ट्र को आगे बढ़ाने और 21वीं सदी में लाने की बात करते हैं, वे 100 साल पीछे नहीं देख सकते हैं। ऐसे नियम को हटाना चाहिए, जो संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में कभी इस्तेमाल नहीं किया गया।

दो तिहाई सदस्य भारत के समर्थन में हैं, इसलिए यह बहुमत को नजर अंदाज करने जैसा होगा। वहीं अब तक ऐसा होता रहा है कि जो उम्मीदवार हर चरण में जीत रहा होता है, उसे  ही विजेता मान लिया जाता है। यानी इस हिसाब से भंडारी की जीत तय है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed