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बॉस्टन धमाके: ज़ोख़र सारनाएफ़ के तीन दोस्त गिरफ़्तार

Thu, 02 May 2013 11:37 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 02 May 2013 11:37 AM IST
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boston blast Jokhars three friend arrested

बॉस्टन धमाकों के संदिग्ध ज़ोख़र सारनाएफ़ के तीन दोस्तों को पुलिस जांच के बाधा पहुंचाने के आरोप में हिरासत में लिया गया है।

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पुलिस ने बताया कि अज़मत तज़ायाकोव और दियास कादिरबायेव ने ज़ोख़र के लैपटॉप और बैकपैक को फेंक दिया था। इन दोनों का संबंध कज़ाकिस्तान से है।

हिरासत में लिए गए ज़ोख़र के तीसरे साथी और अमेरिकी नागरिक रोबेल फ़िलिपोस पर जांचकर्ताओं से झूठ बोलने का आरोप है। ये तीनों बम धमाकों के षड़यंत्र में शामिल होने के संदिग्ध नहीं हैं।
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19 साल के इन तीनों आरोपियों को बुधवार को बॉस्टन संघीय अदालत में पेश किया गया जिसने उन्हें पुलिस कस्टडी में भेज दिया।

अगर उन्हें दोषी पाया जाता है तो तजायाकोव और कादिरबायेव पांच साल की जेल और 250,000 डॉलर यानि लगभग एक करोड़ 34 लाख रुपए का जुर्माना हो सकता है जबकि फ़िलिपोस को आठ साल की कैद और 250,000 डॉलर का जुर्माना हो सकता है।
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15 अप्रैल को बॉस्टन मैराथन के दौरान फिनिशिंग लाइन पर हुए दो बम धमाकों में तीन लोग मारे गए थे और 264 घायल हुए थे।

इन धमाकों के सिलसिले में 19 वर्षीय छात्र ज़ोख़र पर आरोप तय किए गए हैं। जोखर के 26 वर्षीय भाई तामरलेन पुलिस की गोलीबारी में मारे गए थे।

हलफ़नामा

एफबीआई द्वारा अदालत में पेश हलफ़नामे के मुताबिक तज़ायाकोव और कादिरबायेव ने धमाकों के तीन दिन बाद मैसाच्यूसेट्स विश्वविद्यालय में ज़ोख़र के कमरे से उनके सामान को हटा दिया था।

टीवी चैनलों ने जब एफबीआई द्वारा जारी संदिग्ध की तस्वीरों को प्रसारित किया तो कादिरबायेव ने कथित रूप से ज़ोख़र को मैसेज भेजकर कहा कि उनकी सूरत संदिग्ध से मिलती है।

एफबीआई का कहना है कि ये पटाखे ज़ोख़र सारनाएफ के बैकपैक से मिले हैं, इसके जवाब में ज़ोख़र ने मैसेज भेजा जिसमें ‘एलओएल’ और ‘यू बैटर नॉट टेक्स्ट मी’ लिखा था।

आरोपपत्र के मुताबिक ज़ोख़र ने कादिरबायेव को मैसेज भेजकर कहा, “मैं जाने की तैयारी में हूं, अगर आपको मेरे कमरे से कुछ चाहिए तो आप ले सकते हैं।”

कादिरबायेव के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल के दिमाग में तुरंत ये बात नहीं आई कि ज़ोख़र संदिग्ध हैं और उनका बैकपैक सबूत है।

लेकिन एफबीआई ने कहा कि कादिरबायेव ने जब ज़ोख़र का बैकपैक देखा तो वो जानते थे कि वो बम धमाकों में शामिल है। इस बैकपैक में पटाखे भरे थे जिनका पाउडर निकाला जा चु्का था।

पटाखे

हलफ़नामे में कहा गया है कि कादिरबायेव ने पुलिस को बताया कि उन्होंने और उनके दो साथियों ने ज़ोख़र के बैकपैक और पटाखों को फेंकने का फ़ैसला किया क्योंकि वे ज़ोख़र को किसी मुसीबत में नहीं देखना चाहते थे।

कादिरबायेव ने साथ ही ज़ोख़र के लैपटॉप को भी साथ ले जाने को फ़ैसला किया क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि वो नहीं चाहते थे कि ज़ोख़र के कमरे में रह रहे दूसरे छात्रों को कोई शक हो।

कादिरबायेव ने कहा कि उन्होंने बैकपैक और पटाखों को कूड़े के साथ एक बड़े से थैले में डाला और इसे पास ही एक कूड़ेदान में फेंक दिया।

जांचकर्ताओं ने कहा कि उन्हें कूड़े के ढ़ेर से ज़ोख़र का बैकपैक मिला। तज़ायाकोव और कादिरबायेव को छात्र वीज़ा नियमों का कथित उल्लंघन करने के मामले में एक सप्ताह से भी अधिक समय तक जेल में रखा गया था।

मैसाच्यूसेट्स विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा कि मामले का फ़ैसला आने तक तज़ायाकोव को निलंबित कर दिया गया है।

विश्वविद्यालय ने कहा कि ज़ोख़र के दो अन्य साथी इस समय उससे नहीं जुड़े हैं।

आरोप
पुलिस कार्रवाई में जख्मी हुए ज़ोख़र पर व्यापक विनाश के हथियार इस्तेमाल और संपत्ति के दुर्भावनापूर्ण विध्वंस का आरोप लगाया गया है जिसकी परिणति तीन लोगों की मौत में हुई।


अगर उन पर पहला आरोप साबित हो जाता है तो उन्हें मौत की सज़ा सुनाई जा सकती है।

पुलिस ने अस्पताल में जब उनसे पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वो और उनके भाई इराक और अफगानिस्तान में अमेरिकी लड़ाई को लेकर बेहद ग़ुस्से में थे।

तामरलेन की गतिविधियों की एफबीआई कथित तौर पर जांच कर रही थी। हालांकि इस जांच में किसी खतरे के संकेत नहीं मिले थे।

सारनाएफ परिवार मूलत: दक्षिणी रूस के चेचन्या गणराज्य का रहने वाला है। दोनों भाई अमरीका में क़रीब दस वर्षों से रह रहे थे। ज़ोख़र अमेरिकी नागरिक थे जबकि तैमरलेन अमरीका में ग्रीन कार्ड पर रह रहे थे।

इस बीच तामरलेन के परिजनों ने मंगलवार को कहा कि अब वे तामरलेन के शव पर दावा कर सकते हैं क्योंकि उनकी विधवा कैथरीन रसैल ने मैसाच्यूसेट्स मेडिकल एग्जामिनर को शव रिलीज़ करने की अनुमति दे दी है।

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