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मैं भी हो सकता था ट्रेवोन मार्टिनः ओबामा
Updated Sat, 20 Jul 2013 01:48 PM IST
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अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पिछले हफ़्ते एक काले किशोर की हत्या के मामले में आए फ़ैसले के बाद पहली बार टिप्पणी करते हुए कहा है, “35 साल पहले मैं भी ट्रेवोन मार्टिन हो सकता था।”
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पिछले साल यानी कि 2012 के फ़रवरी में फ़्लोरिडा में एक निहत्थे 17 वर्षीय काले किशोर ट्रेवोन मार्टिन की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
हत्या के मामले में अभियुक्त 29 वर्षीय जॉर्ज ज़िमरमैन ने अदालत के सामने कहा था कि उन्होंने ख़ुद के बचाव के लिए उस किशोर पर गोली चलाई थी। पिछले हफ़्ते फ़्लोरिडा की अदालत ने उनकी दलील को स्वीकारते हुए उन्हें हत्या के आरोपों से बरी कर दिया।
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अचानक बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में ओबामा ने कहा कि अमेरिका में शायद ही कोई ऐसा काला व्यक्ति होगा जिसने जातीय भेदभाव का अनुभव नहीं किया होगा।
ओबामा का कहना था कि इस मामले से अफ़्रीकी अमेरिकी नागरिकों को इसलिए दर्द महसूस हुआ क्योंकि वे इस घटना को ‘एक ख़ास अनुभव से जोड़ कर देखते हैं और ये बातें इतिहास से जुड़ी हैं जो इतनी आसानी से भुलाई नहीं जातीं।’
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उनका कहना है कि अफ़्रीकी अमेरिकी इस बात को जानते हैं कि क़ानून के पालन में जातीय भेदभाव होता है।
ओबामा का कहना था, “इन सभी बातों से इस तरह के अहसास को बल मिलता है कि अगर ठीक उसी तरह का अपराध किसी गोरे किशोर ने किया होता तो इसका नतीजा कुछ और होता।”
फ़ैसले का विरोध
इस मौक़े पर उन्होंने अपने साथ हुए जातीय भेदभाव के अनुभवों को भी साझा किया। उनका कहना था, “यहां केवल कुछ ही ऐसे अफ़्रीकी अमेरिकी नागरिक होंगे, जिन्होंने सड़कों से गुज़रते वक़्त इसका अनुभव नहीं किया होगा मसलन उनके आते ही कार के दरवाज़े का लॉक बंद होना।”
उन्होंने कहा, “कम ही अफ़्रीकी अमेरिकियों ने एलीवेटर पर चढ़ते वक़्त यह अनुभव नहीं किया होगा कि कोई महिला उन्हें देखते ही अपने पर्स को बड़ी घबराहट के साथ पकड़ लेती है और अपनी सांस थाम कर वहां से निकलने का मौक़ा ढूंढने लगती है।”
ओबामा ने ट्रेवोन के माता-पिता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस फ़ैसले पर अपनी बेहद गरिमापूर्ण मर्यादित प्रतिक्रिया दी।
हालांकि उन्होंने उम्मीद के साथ यह भी कहा कि हर पीढ़ी के साथ जातीय रिश्तों में सुधार हो रहा है। ट्रेवोन के माता-पिता ट्रेसी मार्टिन और साइब्रिना फुल्टन ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि वे राष्ट्रपति ओबामा के इस बयान से बेहद भावुक हैं और ख़ुद को सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हम ऐसा भविष्य चाहते हैं कि जब कोई बच्चा सड़क पर जाए तो उसे इस बात की चिंता न करनी पड़े कि लोग उसकी त्वचा के रंग और कपड़ों की वजह से ख़तरनाक समझ रहे हैं।”
शनिवार को ज़िमरमैन को बरी किए जाने के फ़ैसले के बाद अमेरिका के विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और सप्ताहांत में भी विरोध प्रदर्शन की योजनाएं बन रही हैं। हालांकि ओबामा ने लोगों से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की गुज़ारिश करने की अपील की है।
बुधवार को अमेरिका के अटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर ने उस क़ानून की समीक्षा करने की बात भी कही है जो किसी व्यक्ति को ख़तरे की स्थिति महसूस करने पर अत्यधिक बल-प्रयोग करने की इजाज़त देता है।