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बराक ओबामा जाएंगे बर्मा
बीबीसी हिंदी
Updated Fri, 09 Nov 2012 03:04 PM IST
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अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय का कहना है कि बराक ओबामा इस माह बर्मा की यात्रा पर जा रहे हैं। बराक ओबामा बर्मा के दौरे पर जाने वाले अमेरिका के पहले राष्ट्रपति होंगे। 17 नवंबर से शुरू होने वाली इस यात्रा के बीच बराक ओबामा की मुलाक़ात विपक्षी नेता आंग सान सू ची और राष्ट्रपति थीन सेन से होगी। बराक ओबामा 17 से 20 नवंबर तक तीन देशों - बर्मा, थाईलैंड और कंबोडिया के दौरे पर निकल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति कंबोडिया में दक्षिण और पूर्वी दक्षिण एशियाई देशों के समूह के सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे।
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सुधार
बर्मा की सरकार ने हाल के वर्षों में आर्थिक, राजनीतिक और दूसरे सुधारों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की है जिसके बाद कई मुल्कों ने पूर्वी देश पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में ढील दी है और साथ ही राजनयिक संबंधों की बहाली की कोशिशें भी हो रही हैं। कई वर्षो से नज़रबंद विपक्षी नेता आंग सान सू ची के रिहा किया गया था जिसके बाद मुल्क में संसदीय चुनाव हुए जिसमें सू ची को जीत हासिल हुई।
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पिछले साल दिसंबर में अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने बर्मा का दौरा किया था। अमेरिका ने वहां अपना राजदूत भी नियुक्त किया है। राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता जे करनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ओबामा बर्मा में 'सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से भी मुलाक़ात करेंगे ताकि वहां जारी प्रजातांत्रिक प्रक्रिया को प्रोत्साहन मिल सके।'
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रिश्तों को प्राथमिकता
बीबीसी के डेविड बैमफोर्ड का कहना है कि चुनाव में जीत के बाद होने वाली बराक ओबामा की सबसे पहली विदेश यात्रा के लिए बर्मा को चुना जाना इस बात को दर्शाता है कि अमेरिका बर्मा से रिश्तों में सुधार को कितनी अधिक अहमियत देता है। संवाददाता का कहना है कि बर्मा से रिश्तों में तेज़ी से हो रहा सुधार इस वजह से भी है क्योंकि अमेरिका क्षेत्र में चीन के मज़बूत प्रभाव को जितनी मुमकिन हो रोकना चाहता है।
जानकारों का मानना है कि मानवधिकार संगठन अमेरिकी राष्ट्रपति के दौरे को समय पूर्व क़रार देंगे क्योंकि बर्मा की सरकार मुल्क में हुए दंगों को रोकने में पूरी तरह नाकाम रही थी जिसमें रोहिंग्या मुसलमानों को निशाना बनाया गया था। लेकिन बर्मा में जारी सुधारों के बाद से दुनियां के कई बड़े मुल्क बर्मा में निवेश करने के इच्छुक रहे हैं।