अमेरिकी संसद में पास हुए इस विधेयक से बढ़ेगा चीन का गुस्सा

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 26 Sep 2018 10:10 PM IST
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American Parliament has passed a bill that can increase China anger

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अमेरिकी संसद ‘कांग्रेस’ ने एक ऐसा विधेयक पारित कर दिया है जो चीन का गुस्सा और अधिक बढ़ा सकता है। अमेरिकी कांग्रेस की तरफ से पास इस बिल में उन तमाम चीनी अधिकारियों का वीजा रोकने की वकालत की गई है जो अमेरिकी नागरिकों, सरकारी अधिकारियों और पत्रकारों को तिब्बत जाने की मंजूरी देने से इनकार करते हैं। इस बिल का नाम है ‘रिसिप्रोकल एक्सेस टू तिब्बत’ और इसमें अमेरिकी नागरिकों को तिब्बत का वही एक्सेस दिया गया है जो चीनी नागरिकों को अमेरिका के लिए मिला है। अमेरिकी कांग्रेस में यह विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया है।
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अमेरिकी कांग्रेस के इस अहम विधेयक में चीन के उन अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है जो अमेरिकी नागरिकों, सरकारी अधिकारियों और पत्रकारों को तिब्बत जाने नहीं देते। इसे सर्वसम्मति से ऐसे समय में पारित किया गया है जब ट्रंप प्रशासन चीन पर बड़े व्यापारिक आयात शुल्क लगा रहा है और इनसे चीनी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ना शुरू भी हो गया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पारित इस बिल में यह सुनिश्चित करने की मांग की गई है कि अमेरिकी नागरिकों को भी तिब्बत में उसी तरह जाने दिया जाए जैसे कि अमेरिका में चीनी नागरिकों को जाने दिया जाता है। विधेयक के मुख्य लेखक कांग्रेस सदस्य जिम मैकगवर्न ने कहा, ‘इस विधेयक में तिब्बत के इलाकों में यात्रा करने से रोकने वाले चीनी अधिकारी अमेरिका में रहने या वीजा हासिल करने से अयोग्य हो जाएंगे।’
तिब्बत में छह दशक से जारी है चीनी उत्पीड़न
इस बिल के समर्थन में बोलते हुए डेमोक्रेटिक नेता नैंसी पैलोसी ने कहा कि पारस्परिकता न सिर्फ मानवाधिकार का मुद्दा है बल्कि यह एक व्यावहारिक मसला भी है। यह बिल तिब्बती लोगों के लिए आजादी, गरिमा और समृद्धि को आगे बढ़ाने के मकसद से एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि छह दशक से तिब्बत के लोग चीन के उत्पीड़न और क्रूरता का मुकाबला कर रहे हैं।

अमेरिकियों को भी चीन में मिले यात्रा की अनुमति

भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने सदन में कहा, ‘लंबे समय से चीन ने तिब्बत में जाने से पाबंदी लगा रखी है, पत्रकारों को तिब्बत में मानवाधिकार उल्लंघन की रिपोर्टिंग करने और तिब्बती अमेरिकियों को उनके देश में जाने से रोक कर रखा गया है।’ उन्होंने कहा, ‘अगर चीनी नागरिकों को अमेरिका में आजादी से यात्रा करने की अनुमति है तो अमेरिकी नागरिकों को भी ऐसी ही अनुमति मिले।’
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