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वो अमेरिकी खुफिया अधिकारी जिस पर लगे हैं चीन के लिए जासूसी करने के आरोप
बीबीसी हिंदी
Updated Tue, 05 Jun 2018 06:59 PM IST
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अमरीका के एक पूर्व खुफिया अधिकारी को चीन के लिए जासूसी करने के प्रयास में सिएटल की अदालत में पेश किया गया। रोन रॉकवैल हैनसन को एफबीआई ने शनिवार को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब वो चीन जाने के लिए सिएटल एयरपोर्ट जा रहे थे। हैनसेन की उम्र 58 साल है।
न्याय विभाग ने कहा है कि हैनसन ने चीन को सूचना भेजने की कोशिश की थी और एजेंट बनने के लिए उन्हें 5.4 करोड़ रुपए मिले हैं। कोर्ट में पेशी के दौरान वो अपने गृह राज्य उटा में आरोपों का सामना करने को राजी हुए हैं।
क्या हैं आरोप?
हैनसन उटा राज्य के सीराक्वेज में रहते हैं। उन पर दूसरे देश की सरकार को मदद पहुंचाने के लिए अपने देश की सेना की जुड़ी जानकारियां इकट्ठा करने का आरोप है। इसके अलावा उन पर 14 अन्य आरोप हैं, जिसमें चीन के लिए जासूसी, थोक रूप से नकदी की तस्करी, विदेशी लेनदेन और अमरीका से सामान की तस्करी करना शामिल है।
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अगर ये आरोप सही साबित होते हैं तो उन्हें अपनी बची जिंदगी जेल में गुजारनी होगी। सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन डेमर्स ने हैनसन के कथित जासूसी को "देश की सुरक्षा के साथ विश्वासघात" और "पूर्व खुफिया कर्मियों को अपमानित" करने वाला बताया है। उन्होंने इन आरोपों को परेशान करने वाला बताया है।
रॉन हैनसन कौन हैं?
कोर्ट में पेश किए गए न्याय विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक रॉन हैनसन अमरीकी सेना में रह चुके हैं। वो वारंट अधिकारी थे। इससे पहले वो सिग्नल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस जैसे काम कर चुके हैं। ये सब करने से पहले डीआईए ने उन्हें नागरिक खुफिया मामलों के अधिकारी के रूप में साल 2006 में नियुक्त किया था।
न्याय विभाग ने कहा है कि हैनसन चीनी और रूसी भाषा में बात कर सकते हैं। विभाग का ये भी कहना है कि वो 2013 से 2017 के बीच कई बार चीन गए थे। हैनसेन पर अमरीकी सरकार के लिए काम बंद करने के बाद सूचनाओं तक अपनी पहुंच बनाने के लिए बार-बार प्रयास करने के आरोप हैं, जिसके बाद अधिकारियों को इसके बारे में सतर्क कर दिया था।
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न्याय विभाग ने कहा है कि हैनसन ने चीन को सूचना भेजने की कोशिश की थी और एजेंट बनने के लिए उन्हें 5.4 करोड़ रुपए मिले हैं। कोर्ट में पेशी के दौरान वो अपने गृह राज्य उटा में आरोपों का सामना करने को राजी हुए हैं।
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क्या हैं आरोप?
हैनसन उटा राज्य के सीराक्वेज में रहते हैं। उन पर दूसरे देश की सरकार को मदद पहुंचाने के लिए अपने देश की सेना की जुड़ी जानकारियां इकट्ठा करने का आरोप है। इसके अलावा उन पर 14 अन्य आरोप हैं, जिसमें चीन के लिए जासूसी, थोक रूप से नकदी की तस्करी, विदेशी लेनदेन और अमरीका से सामान की तस्करी करना शामिल है।
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अगर ये आरोप सही साबित होते हैं तो उन्हें अपनी बची जिंदगी जेल में गुजारनी होगी। सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन डेमर्स ने हैनसन के कथित जासूसी को "देश की सुरक्षा के साथ विश्वासघात" और "पूर्व खुफिया कर्मियों को अपमानित" करने वाला बताया है। उन्होंने इन आरोपों को परेशान करने वाला बताया है।
रॉन हैनसन कौन हैं?
कोर्ट में पेश किए गए न्याय विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक रॉन हैनसन अमरीकी सेना में रह चुके हैं। वो वारंट अधिकारी थे। इससे पहले वो सिग्नल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस जैसे काम कर चुके हैं। ये सब करने से पहले डीआईए ने उन्हें नागरिक खुफिया मामलों के अधिकारी के रूप में साल 2006 में नियुक्त किया था।
न्याय विभाग ने कहा है कि हैनसन चीनी और रूसी भाषा में बात कर सकते हैं। विभाग का ये भी कहना है कि वो 2013 से 2017 के बीच कई बार चीन गए थे। हैनसेन पर अमरीकी सरकार के लिए काम बंद करने के बाद सूचनाओं तक अपनी पहुंच बनाने के लिए बार-बार प्रयास करने के आरोप हैं, जिसके बाद अधिकारियों को इसके बारे में सतर्क कर दिया था।
FBI
डीआईए क्या है
डीआईए, यानी डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी। यह रक्षा मंत्रालय की एक शाखा है, जो सैन्य खुफिया विश्लेषण और प्रसार का काम करती है। इसकी स्थापना 1961 में की गई थी, जिसका मुख्य काम अमरीकी युद्ध मिशन के लिए विदेशी सैन्य खुफिया उपलब्ध कराना है।
अमरीका-चीन के बीच संबंध कैसा है?
यह गिरफ्तारी दोनों देशों के बीच बढ़ रही कड़वाहट के बीच हुई है। शनिवार को अमरीका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने चीन पर आरोप लगाया था कि वह अपने पड़ोसी देशों को दक्षिण चीन सागर के विवादित क्षेत्र पर मिसाइल दागने की धमकी दे रहा है।
चीन के एक सैन्य अधिकारी ने इन आरोपों को खारिज किया था और इसे "गैर जिम्मेदाराना" बताया था। बीजिंग में चल रही दोनों देशों के बीच बातचीत पर चीनी सामानों के आयात पर शुल्क लगाने की तारीख पर ग्रहण लग गया है।
पिछले महीने अमरीका ने चीनी सामानों के आयात पर 25 फीसदी शुल्क लगाने की घोषणा की थी। 'ट्रेड वॉर' के बीच चीन अमरीका से ज़्यादा आयात को तैयार
कैसे भेजे जाते हैं खुफिया संदेश?
चीन की चेतावनी, संभलकर बोले अमरीका
जासूसी के अन्य मामलें
हैनसन से पहले भी कई अधिकारी चीन के लिए खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और चीनी सरकार की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सीआईए के अधिकारी जेरी चुन शिंग पर कुछ दिन पहले सेना की खुफिया जानकारी इकट्ठा और चीन की मदद करने के आरोप लगे थे। सीआईए के पूर्व अधिकारी केविन मलोरी पर वर्जीनिया में केस चल रहा है। उन पर आरोप है कि को चीन को देश से जुड़ी खुफिया सूचनाएं बेचते थे।
डीआईए, यानी डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी। यह रक्षा मंत्रालय की एक शाखा है, जो सैन्य खुफिया विश्लेषण और प्रसार का काम करती है। इसकी स्थापना 1961 में की गई थी, जिसका मुख्य काम अमरीकी युद्ध मिशन के लिए विदेशी सैन्य खुफिया उपलब्ध कराना है।
अमरीका-चीन के बीच संबंध कैसा है?
यह गिरफ्तारी दोनों देशों के बीच बढ़ रही कड़वाहट के बीच हुई है। शनिवार को अमरीका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने चीन पर आरोप लगाया था कि वह अपने पड़ोसी देशों को दक्षिण चीन सागर के विवादित क्षेत्र पर मिसाइल दागने की धमकी दे रहा है।
चीन के एक सैन्य अधिकारी ने इन आरोपों को खारिज किया था और इसे "गैर जिम्मेदाराना" बताया था। बीजिंग में चल रही दोनों देशों के बीच बातचीत पर चीनी सामानों के आयात पर शुल्क लगाने की तारीख पर ग्रहण लग गया है।
पिछले महीने अमरीका ने चीनी सामानों के आयात पर 25 फीसदी शुल्क लगाने की घोषणा की थी। 'ट्रेड वॉर' के बीच चीन अमरीका से ज़्यादा आयात को तैयार
कैसे भेजे जाते हैं खुफिया संदेश?
चीन की चेतावनी, संभलकर बोले अमरीका
जासूसी के अन्य मामलें
हैनसन से पहले भी कई अधिकारी चीन के लिए खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और चीनी सरकार की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सीआईए के अधिकारी जेरी चुन शिंग पर कुछ दिन पहले सेना की खुफिया जानकारी इकट्ठा और चीन की मदद करने के आरोप लगे थे। सीआईए के पूर्व अधिकारी केविन मलोरी पर वर्जीनिया में केस चल रहा है। उन पर आरोप है कि को चीन को देश से जुड़ी खुफिया सूचनाएं बेचते थे।