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भारत के खिलाफ रिपोर्ट प्रकाशित करने पर घिरा अमेरिकी आयोग
एजेंसी/ वाशिंगटन
Updated Tue, 14 Feb 2017 08:59 PM IST
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- फोटो : file photo
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धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर भारत के खिलाफ रिपोर्ट प्रकाशित करने पर शीर्ष हिंदू अमेरिकी संगठन ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता मामले के अमेरिकी आयोग (एससीआईआरएफ) को आड़े हाथों लिया है। संगठन ने कहा कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता से संबंधित पाकिस्तान मूल के लेखक इक्तिदार चीमा की रिपोर्ट प्रकाशित करके आयोग ने अपनी साख को दांव में लगा दिया है।
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रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि भारत में अल्पसंख्यक समुदायों और दलितों को भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। भारत विरोधी माने जाने वाले चीमा हमेशा से अलगाववादियों का समर्थन करते आ रहे हैं।
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हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने कहा कि यह लेख पाकिस्तानी विदेश नीति का हिस्सा है। भारत में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाने वाली रिपोर्ट में तीन लाख से ज्यादा कश्मीरी हिंदू पंडितों की घाटी में दुर्दशा का जिक्र तक नहीं किया गया। इंग्लैंड के बर्मिंघम स्थित इंस्टीट्यूट फॉर लीडरशिप एंड कम्यूनिटी डेवलपमेंट के डायरेक्टर चीमा की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि भारत में संवैधानिक प्रावधान है और राज्यीय एवं राष्ट्रीय कानून हैं, जिनका धार्मिक स्वतंत्रता के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार पालन नहीं किया जा रहा हैं।
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हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक सुहाग शुक्ला ने ब्लॉग पोस्ट में लिखा कि अगर सरल लहजे में कहा जाए, तो आयोग ने ब्रिटिश कार्यकर्ता चीमा को सीधे तौर पर भारत के खिलाफ इजाजत दी है। फाउंडेशन ने कहा कि चीमा पाकिस्तानी मूल की हैं और पाक के कई सरकार संगठनों की ओर से उसको सम्मानित किया जा चुका है।