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एक बार फिर चांद पर जाने को तैयार अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री
एजेंसी / वाशिंगटन
Updated Wed, 13 Dec 2017 02:53 AM IST
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चांद
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को नई अंतरिक्ष नीति पर मुहर लगाई। इससे 1972 के बाद पहली बार अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर भेजने का रास्ता साफ हो गया है। नई अंतरिक्ष नीति नासा को अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को पहले चांद और फिर मंगल ग्रह पर भेजने का निर्देश देती है। ट्रंप ने सोमवार को ह्वाइट हाउस में इस नीति पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य चंद्रमा और मंगल ग्रह के भविष्य के मिशनों के लिए अंतरिक्ष अन्वेषण को सरकारी प्रयासों के तहत आगे बढ़ाना है।
इस अवसर पर ट्रंप ने कहा, ‘मैं जिन दिशा-निर्देशों पर आज (सोमवार) हस्ताक्षर कर रहा हूं, वह अमेरिकी अंतरिक्ष कार्यक्रम में मनुष्यों के जरिए अन्वेषण और खोज पर बल देगा। यह 1972 के बाद पहली बार अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों के लंबे समय के लिए चांद पर जाने और खोज करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम होगा।’ इससे पहले अपोलो मिशन के दौरान 1960 और 1970 के दशक में अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री चांद पर गए थे।
पढ़ें- नासा ने बताया 'शनि ग्रह के चंद्रमा पर पानी के संकेत'
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ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इस बार हम वहां सिर्फ अपना झंडा लगाकर निशान नहीं छोड़ेंगे। इस कदम से हम मंगल मिशन और भविष्य में अन्य ग्रहों की यात्रा के लिए नींव रख रहे हैं।’ 21 जुलाई 1969 को अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने चांद पर पहला कदम रखा था। उपराष्ट्रपति माइक पेंस के मुताबिक नई अंतरिक्ष नीति यह सुनिश्चित करेगा कि ‘अमेरिका एक बार फिर अंतरिक्ष में नेतृत्व करे।’
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इस अवसर पर ट्रंप ने कहा, ‘मैं जिन दिशा-निर्देशों पर आज (सोमवार) हस्ताक्षर कर रहा हूं, वह अमेरिकी अंतरिक्ष कार्यक्रम में मनुष्यों के जरिए अन्वेषण और खोज पर बल देगा। यह 1972 के बाद पहली बार अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों के लंबे समय के लिए चांद पर जाने और खोज करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम होगा।’ इससे पहले अपोलो मिशन के दौरान 1960 और 1970 के दशक में अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री चांद पर गए थे।
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ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इस बार हम वहां सिर्फ अपना झंडा लगाकर निशान नहीं छोड़ेंगे। इस कदम से हम मंगल मिशन और भविष्य में अन्य ग्रहों की यात्रा के लिए नींव रख रहे हैं।’ 21 जुलाई 1969 को अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने चांद पर पहला कदम रखा था। उपराष्ट्रपति माइक पेंस के मुताबिक नई अंतरिक्ष नीति यह सुनिश्चित करेगा कि ‘अमेरिका एक बार फिर अंतरिक्ष में नेतृत्व करे।’