{"_id":"0538d93f47e2dadc5b988ec310830770","slug":"america-may-attack-on-syria-without-britain","type":"story","status":"publish","title_hn":"अकेले ही सीरिया पर हमला करेगा अमेरिका?","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
अकेले ही सीरिया पर हमला करेगा अमेरिका?
Updated Fri, 30 Aug 2013 03:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका सीरिया पर अकेले ही हमला करने को तैयार है।
विज्ञापन
सीरिया में पिछले हफ्ते हुए रासायनिक हमले के बाद अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अमेरिका सीरिया पर अकेले ही हमला करने के लिए तैयार है।
केरी ने कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्यों से कहा है कि अमेरिका दूसरों की विदेश नीति के लिए इंतजार नहीं करेगा।
सीरिया पर कार्रवाई के मसले पर ब्रिटेन की संसद में प्रस्ताव गिर जाने के बाद केरी ने कांग्रेस को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
विचार-विमर्श
ब्रीफिंग के बाद, एक वरिष्ठ डेमोक्रेट सांसद ईलियट एंजेल (विदेश मामलों की समिति सभा के प्रतिनिधि) ने कहा कि "सीरिया में 21 अगस्त को हुए रासायनिक हमले के पीछे राष्ट्रपति बशर अल-असद का हाथ है, इसे साबित करने के लिए अधिकारियों के पास बहुत कम सुबूत हैं।''
विज्ञापन
उनके अनुसार उन्होंने सीरिया के उच्चाधिकारियों से बात की है और खुफिया जानकारी के मुताबिक सीरिया की सेना ने हथियारों और जवानों के साथ राजधानी को चारों ओर से घेर लिया है।
विज्ञापन
एंजेल के मुताबिक राष्ट्रपति ओबामा अपने निर्णय पर विचार विमर्श कर रहे हैं और वह कांग्रेस से लगातार सलाह लेते रहेंगे।
ब्रिटेन का रुख
वहीं मतदान के बाद प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा था कि ''अब यह स्पष्ट हो गया है कि न तो ब्रिटेन की संसद और न ही आम ब्रिटिश लोग चाहते हैं कि ब्रिटेन सीरिया पर हमला करे।''
ब्रिटेन की संसद यह आश्वासन चाहती थी कि रसायनिक हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों की रिपोर्ट आने से पहले सीरिया पर कोई कार्रवाई नहीं की जाए।
इसके बाद ब्रिटेन के रक्षा मंत्री फिलिप हैमंड ने इस बात की पुष्टि की कि ब्रिटेन सीरिया पर होने वाले किसी भी संभावित हमले में शामिल नहीं होगा। निस्संदेह उनकी यह बात अमेरिका के लिए परेशानी पैदा करने वाली और सीरिया के राष्ट्रपति बशर-अल-असद को राहत देने वाली है।