दक्षिण कोरिया के मुद्दे पर चीन को मनाने की कोशिश में जुटा अमेरिका
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले माह दो दिनी शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मेजबानी करने की योजना बनाई है। ट्रंप प्रशासन चाहता है कि वह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ अच्छे संबंध बनाए। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी इस बाबत नजदीकी संवाद जारी रहने की पुष्टि की है।
बैठक को लेकर चीन और अमेरिका में काफी सरगर्मी है, क्योंकि ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद से ही दोनों महाशक्तियों के बीच भारी तनाव पैदा हुआ है। व्हाइट हाउस के मुताबिक दोनों के बीच होने वाली बैठक का मकसद कोरियाई क्षेत्र में तनाव कम करना है।
हालांकि व्हाइट हाउस के प्रवक्ता सीन स्पाइसर ने फिलहाल दोनों नेताओं की मुलाकात की तिथि नहीं बताई है। दोनों नेता उत्तर कोरिया द्वारा किए गए परमाणु परीक्षण के दृष्टिगत दक्षिण कोरिया में अमेरिकी एंटी मिसाइल सिस्टम थाड लगाने को लेकर गंभीर हैं। इसे लेकर चीन पहले ही अपनी चिंता जता चुका है।
यह बैठक फौरी तौर पर 6-7 अप्रैल को ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित रिसॉर्ट मार-ए-लागो में की जा सकती है। सीएनएन ने इस शिखर वार्ता के लिए ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से खबर दी है। हालांकि अधिकृत रूप से विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन ने उनकी एशियाई यात्रा के बाद इस यात्रा को अंतिम रूप देने की बात कही है, जिसमें एक दिन वह चीन में भी रुकेंगे।
दरअसल, कोरिया जैसे संवेदनशील मुद्दे के कारण ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात को काफी गोपनीय ढंग से अंजाम दिया जा रहा है, क्योंकि इसे लेकर उत्तर कोरिया कोई भी हरकत कर सकता है।
ट्रंप दान करेंगे अपनी वार्षिक कमाई
अक्सर विवादों में घिरे रहने वाले अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस साल के अंत में अपना वार्षिक वेतन दान करेंगे। अपनी छवि सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ट्रंप ने उनका सालाना वेतन चार लाख डॉलर यानी करीब दो करोड़ 65 लाख रुपए दान करने का फैसला लिया है।
व्हाइट हाउस प्रवक्ता सीन स्पाइसर ने कहा कि राष्ट्रपति चाहते हैं कि इस परमार्थ कार्य में मीडिया उनकी मदद करे। अपने चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप ने कहा था कि उनकी वेतन लेने की कोई योजना नहीं है, वो सिर्फ कानूनी तौर पर एक डॉलर न्यूनतम तनख्वाह बिना कोई छुट्टी के लेंगे।