दिल्ली के तीन छात्रों ने बनाया हवा की गुणवत्ता मापने वाला एप, अमेरिकी कंपनी देगी इनाम
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दिल्ली के तीन इंजीनियरिंग छात्रों ने हवा की गुणवत्ता मापने वाला एप बनाया है। इस एप के लिए तीनों भारतीय छात्रों को अमेरिका की प्रतिष्ठित ‘मारकोनी सोसाइटी’ ने 1,500 डालर (करीब 1.10 लाख रुपये) का इनाम दिया है। दिल्ली के भारती विद्यापीठ कालेज ऑफ इंजीनियरिंग के तन्मय श्रीवास्तव, कनिष्क जीत और प्रेरणा खन्ना ने मिलकर ‘एयर कॉगनाइजर’ नाम का एक एप तैयार किया है।
इसकी मदद से हवा की गुणवत्ता मापने के लिए किसी भी तरह के दूसरे उपकरण की जरूरत नहीं पड़ेगी। बल्कि सिर्फ स्मार्टफोन पर ही इसे डाउनलोड कर चेक कर सकेंगे। यह एप गूगल के प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। इसके जरिए वायु की गुणवत्ता जानने के लिए सिर्फ आसमान की फोटो खींचनी होगी।
इसके बाद मशीन लर्निंग के जरिए संबंधित इलाके का ‘एयर क्वालिटी इंडेक्स’ पता चल जाएगा। अमेरिकी शहर कैलिफोर्निया स्थित ‘मारकोनी सोसाइटी’ ने भारत में 2017 में आईआईटी-दिल्ली के साथ मिलकर ‘सेलेस्टिनी प्रोग्राम’ शुरू किया था। इसका मकसद हर साल नए टैलेंट की खोज करना है और उन्हें प्रोत्साहित करना है।
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण समस्या थी थीम
इस साल दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की बढ़ती समस्या और सड़क सुरक्षा की थीम रखी गई थी, जिसके लिए तीन-तीन लोगों की टीम बनाई गई थी। इस प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार भारती विद्यापीठ कालेज के तन्मय, कनिष्क और प्रेरणा की टीम को मिला।
दूसरा पुरस्कार चंडीगढ़ की यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के दिव्यम मदान और राधिका दुआ को मिला। दिव्यम और राधिका ने एक ऐसी वेबसाइट बनाई थी, जो दिल्ली में होने वाले अगले 24 घंटे के वायु प्रदूषण के स्तर का अनुमान लगाती है।
तीसरा पुरस्कार भी भारती विद्यापीठ कालेज के सिद्धार्थ तालिया, निकुंज अग्रवाल और समरजीत कौर को मिला। तीनों ने रैप्सबेरी पीआई और एक्सबी रेडियो मॉड्यूल तकनीक की मदद से एक ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रोटोटाइप तैयार किया है जो सड़क पर होने वाले संभावित खतरों का पता लगाकर व्हीकल-टू-व्हीकल ट्रांसमिट करता है।