जीका के खौफ से सहमा अमेरिका, 64% अमेरिकियों ने रद्द की यात्रा
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खतरनाक जीका वायरस का खौफ इबोला की तरह ही पूरी दुनिया में छा गया है। उत्तर और दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के देशों में इसका डर लोगों में इतना समा गया है कि उन्होंने अपनी यात्राएं तक रद्द करनी शुरू कर दी हैं।
बताया जा रहा है कि जीका से सहमे अमेरिका के 64 फीसदी लोगों ने प्रभावित देशों में अपनी प्रस्तावित यात्राएं तक रद्द कर दी हैं। करीब 22 देशों को अपनी चपेट में ले चुके जीका के तेजी से फैलाव को देखते हुए अमेरिका समेत विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने तो इस बारे में चेतावनी तक जारी कर दी है।
सोमवार को संगठन इसके लिए आपातकालीन बैठक भी करने जा रहा है। जीका वायरस से पीड़ित का दिमाग सिकुड़ने लगता है, जिससे ब्रेन डैमेज और मौत होने का भी खतरा रहता है। इससे ब्राजील और अल सल्वाडोर में छोटे सिर के साथ बच्चों के जन्म लेने के मामले बढ़े हैं। ट्रैवल रिस्क मैनेजर नामक कंपनी के एक सर्वे के मुताबिक, दोनों महाद्वीपों के तकरीबन 64 फीसदी अमेरिकी लोगों ने एडीज मच्छर से फैलने वाले जीका वायरस के डर से उन देशों की यात्राएं रद्द कर दी हैं, जो इनकी चपेट में हैं।
यह सर्वे गूगल कंज्यूमर सर्वे के तहत 18 साल से अधिक उम्र के करीब 2000 लोगों पर किया गया है। सर्वे में हिस्सा लेने वाली 69 फीसदी महिलाओं ने कहा कि उन्होंने अपना घूमने की योजना रद्द कर दी है, जबकि 37 फीसदी महिलाओं ने कहा कि वे प्रभावित देशों की यात्रा न करने पर विचार कर रही हैं।
ओबामा ने की ब्राजील के राष्ट्रपति से बात
ब्राजील में जीका वायरस के कई मामले सामने आने के बाद शनिवार को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ब्राजील के राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ से बात की।
इस दौरान ओबामा ने जीका वायरस से साथ लड़ने की बात कहते हुए कहा कि इस पर नियंत्रण पाने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी।
व्हाइट हाउस ने बताया कि दोनों नेताओं ने जीका वायरस के बेहतर इलाज के लिए टीका और अन्य तकनीक खोजने के लिए साथ काम करने की बात कही है।