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रोजाना 22 पूर्व अमेरिकी फौजी दे रहे हैं जान
बीबीसी हिंदी
Updated Sun, 03 Feb 2013 05:49 PM IST
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अमेरिकी सरकार के एक अध्ययन में अनुमान जताया गया है कि औसतन रोजाना 22 पूर्व अमेरिकी सैनिक आत्महत्या कर रहे हैं। ये आंकड़ा उससे कहीं ज्यादा है जितना अब तक समझा जाता था।
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ये इस विषय पर अब तक का सबसे व्यापक अध्ययन बताया जा रहा है जो कहता है कि इनमें से दो तिहाई आत्महत्याओं के मामले 50 साल की उम्र को पार कर चुके पूर्व सैनिकों से जुड़े हैं।
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ये अध्ययन पूर्व सैनिकों के मामलों से जुड़े अमेरिकी मंत्रालय ने कराया है जो दो हफ्ते पहले सेना की ओर से जारी उन आंकड़ों की पुष्टि करता है कि आत्महत्या करने वाले की संख्या बढ़ रही है। ताजा अध्ययन में 1999 से 2010 के बीच की अवधि के मामले में शामिल हैं।
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व्यापक अध्ययन
समाजार एजेंसी एपी के अनुसार पूर्व सैनिकों से जुड़े मामलों के अमेरिकी मंत्री एरिक के शिनसेकी का कहना है, “हमें बहुत काम करना है। इन आंकड़ों के ज़रिए आत्महत्या रोकने के हमारे प्रयास मज़बूत होंगे और सभी पूर्व सैनिकों को वो देखभाल मुहैया कराई जाएगी जिसके वो हक़दार हैं।”
ये अध्ययन रिपोर्ट कहती है कि 2010 में रोज़ाना लगभग 22 पूर्व सैनिकों ने आत्महत्या की। इससे पहले पूर्व सैनिकों से जुड़े मामलों के मंत्रालय का अनुमान था कि ऐसे सैनिकों की संख्या 18 है।
हालांकि ज्यादा ध्यान इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान युद्ध से जुड़े सैनिकों की आत्महत्या पर रहता है लेकिन रिपोर्ट कहती है कि उम्रदराज़ पूर्व सैनिकों में ये समस्या कहीं गंभीर है।
पूर्व सैनिकों की आत्महत्या के मामलों में 70 फीसदी 50 साल की उम्र को पार कर चुके लोगों के हैं। मंत्रालय की ताज़ा रिपोर्ट में अमेरिका के उन दो दर्जन राज्यों के आंकड़ों को भी शामिल किया गया है जहां मृत्यु प्रमाणपत्र पर मौत का कारण भी दर्ज किया जाता है।
इससे पहले के अनुमानों में सिर्फ़ उन सैनिकों पर ही मुख्य ध्यान था जो पूर्व सैनिकों के मामलों से जुड़े मंत्रालय के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। मंत्रालय के मुताबिक ये इस विषय पर अब तक का सबसे व्यापक अध्ययन है।