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अमेरिका ने शुरू किया दुनिया का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास, चीन को नहीं किया आमंत्रित

Wed, 19 Aug 2020 09:26 AM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Tanuja Yadav Updated Wed, 19 Aug 2020 09:26 AM IST
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America started rim of the pacific exercise from 17 august to 31 august China and Taiwan are not invited
अमेरिकी युद्धाभ्यास - फोटो : social media

एक तरफ दुनिया और खुद अमेरिका कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा है लेकिन चीन से तनाव और कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बाद भी अमेरिका ने हवाई द्वीप समूह के पास दुनिया का सबसे बड़ा नौसैनिक अभ्यास रिम ऑफ द पैसिफिक एक्सरसाइज (रिमपैक) शुरू कर दिया है।

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ये युद्धाभ्यास 17 अगस्त से 31 अगस्त के बीच चलेगा और इसमें दुनिया के दस महाविनाशक युद्धपोत और सबमरीन हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि इस युद्धाभ्यास में चीन को आमंत्रण नहीं दिया गया है। सामान्य तौर पर युद्धाभ्यास के दौरान 30 देशों के 50 युद्धपोत-सबमरीन, 200 फाइटर जेट और 25,000 जवान हिस्सा लेते हैं। 
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मौजूदा समय में कोरोना वायरस महामारी की वजह से केवल 5,300 जवानों ने हिस्सा लिया है। अमेरिका के तीसरे फ्लीट के कमांडर वाइस एडमिरल स्कोर्ट कॉन ने कहा कि इस युद्धाभ्यास का लक्ष्य प्रशांत महासागर में अपने दोस्तों के बीच विश्वास और एक दूसरे पर निर्भरता को बढ़ाना है। 
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इस नौसैनिक अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया, ब्रुनई, कनाडा, फ्रांस, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, फिलीपींस, सिंगापुर और अमेरिका हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान लाइव फायर के भी अभ्यान किए जाएंगे। हालांकि कोरोना वायरस को देखते हुए सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। करीब 14 दिन के क्वारंटीन रहने के बाद ही इस अभ्यास में सैनिकों को हिस्सा लेने दिया जा रहा है।

ताइवान को अमेरिका नहीं दिया न्योता
यह युद्धाभ्यास ऐसे समय मेंहो रहा है जब चीन के साथ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों का तनाव बढ़ रहा है। अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अपने एयरक्राफ्ट कैरियर को तैनात किया है। ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका ने चीन के साथ तनाव में के चरम पर पहुंचने के लिए ताइवान को इस युद्धाभ्यास में न्योता नहीं दिया है।

फ्रांस से भारत आए राफेल फाइटर जेट पहुंचने का असर चीन की सीमा पर साफ नजर आने लगा है। राफेल को देख चीन ने लद्दाख से 200 मील दूर स्थित अपने होटन एयरबेस पर अपने सबसे आधुनिक चेंगटू जे-20 स्टील्थ फाइटर जेट तैनात किए हैं। सैटेलाइट से मिली तस्वीरों में इन जेट्स की तैनाती को आसानी से देखा जा सकता है।

चीनी मीडिया में जे-20 जेट की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। लद्दाखा के पास जे-20 की तैनाती के बाद से भारत और चीन के बीच तनाव और बढ़ सकता है। ओपन सोर्स इंटेलीजेंस एनालिस्ट डेट्रेस्फा के मतुाबिक इन जे-20 लड़ाकू विमान को हाल में ही लद्दाख में तैनात किया गया है।


चीन के पास कुल 40 जे-20 लड़ाकू विमान हैं। इसके अलावा चीन उत्तर भारत में अपनी हवाई ताकत को लगातार बढ़ाने में जुटा हुआ है। चीन ने अपने भारत से लगे हवाई ठिकानों पर परमाणु बम गिराने में सक्षम विमानों से लेकर हमलावर ड्रोन विमान तैनात किए हैं।

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