अमेरिका : ट्रंप का फरमान, सुरक्षा मानक पूरे न करने वाले देशों पर लगाए गए नए वीजा प्रतिबंध
- म्यांमार, इरिट्रिया, किर्गिस्तान, नाइजीरिया, सूडान और तंजानिया पर रोक
- पर्यटकों, व्यवसायों और गैर-आप्रवासी यात्रा पर लागू नहीं होंगे ये प्रतिबंध
- ये प्रतिबंध उन देशों से हटा लिए जाएंगे जो सुरक्षा मानकों को पूरा कर लेंगे
- व्हाइट हाउस ने कहा, ऐसे देश अमेरिका के लिए खतरा साबित हो सकते हैं
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसे दस्तावेज पर दस्तखत कर दिए हैं जिसके मुताबिक अमेरिकी सुरक्षा मानदंडों को पूरा करने में विफल रहने वाले देशों पर वीजा प्रतिबंध लग जाएगा। व्हाइट हाउस ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा की शर्तें पूरी नहीं करने वाले देश अमेरिका के लिए खतरा साबित हो सकते हैं। इनमें छह नए देश जुड़ गए हैं जबकि पुराने सात देशों पर प्रतिबंध जारी रहेंगे।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव स्टेफनी ग्रिशम ने बताया कि राष्ट्रपति ने ईरान, लीबिया, उत्तर कोरिया, सीरिया, वेनेजुएला, यमन और सोमालिया के कुछ नागरिकों पर प्रवेश प्रतिबंध जारी रखने की घोषणा की है। जबकि म्यांमार, इरिट्रिया, किर्गिस्तान व नाइजीरिया के नागरिकों के लिए आप्रवासी वीजा जारी करना रोक दिया गया है। इनके अलावा सूडान और तंजानिया के लोगों के लिए भी वीजा लॉटरी में भागीदारी रोक दी गई है।
यह नए प्रतिबंध पर्यटकों, व्यवसायों और गैर-आप्रवासी यात्रा पर लागू नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि अमेरिकी प्रशासन सुरक्षा मानकों के लिए उस सभी देशों के साथ काम करेगा जो इनका पालन नहीं करते हैं। कार्यवाहक मंत्री चाड वुल्फ ने कहा कि अमेरिका में सुरक्षा मानकों को और मजबूत इसलिए बनाया जा रहा है ताकि इन मानकों का पालन न करने वाले देशों को स्पष्ट हो जाए कि उन्हें क्या करना है।
मानक पूरे करने पर ही हटेंगे प्रतिबंध
होमलैंड सुरक्षा मंत्रालय के कार्यवाहक मंत्री चाड वुल्फ ने कहा कि कुछ देश यात्रियों के बारे में जरूरी सूचनाएं मुहैया नहीं कराते हैं, जिससे राष्ट्रीय व सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा होता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपराधियों और आतंकियों की पहचान के लिए सुरक्षा जांच प्रक्रियाओं को और सख्त व परिष्कृत किया है। ये प्रतिबंध उन देशों से हटा लिए जाएंगे जो सुरक्षा मानकों को पूरा कर लेंगे।
विरोधियों ने कहा, संवेदनहीन फैसला
अमेरिकी आव्रजन परिषद के कार्यकारी निदेशक बेथ वेरलिन ने कहा कि छह देशों के आव्रजन को रोकने वाले यह नए प्रतिबंध गैर जरूरी हैं क्योंकि हमारी नीति के खिलाफ है जो कहती है कि किसी भी शख्स के कहीं भी पैदा होने या किसी अन्य धर्म का होने के कारण उन्हें देश में आने से रोका नहीं जा सकता है। ये नीतियां उन सिद्धांतों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाती हैं। सीनेटर क्रिस मर्फी ने कहा कि ट्रंप के इस क्रूर रास्ते को जारी रखने का फैसला संवेदनहीन है, क्योंकि प्रवासी लोग बेहतर जीवन की आशा में अमेरिका आते हैं और बदले में हमारी अर्थव्यवस्था और समाज में योगदान देते हैं।