अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: हिलेरी क्लिंटन बोलीं- ट्रंप को 65 दिन में करें सत्ता से बेदखल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका में अगले महीने राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में रिपब्लिक और डेमोक्रेट्स के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। दोनों ही पार्टियां मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही हैं। इसी बीच डेमोक्रेट नेता और अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला हिलेरी क्लिंटन ने डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा है। उन्होंने नागरिकों से उन्हें 65 दिनों में सत्ता से बेदखल करने को कहा है।
Donald Trump's job is to be the president and protector of all Americans, not just the ones who support him.
— Hillary Clinton (@HillaryClinton) August 31, 2020
He's not up to it and he never will be.
Let's fire him in 65 days.
हिलेरी क्लिंटन ने ट्वीट कर कहा, 'बतौर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जिम्मेदारी है कि वे सभी अमेरिकियों की रक्षा करें, न की अपने समर्थकों की। वै वैसे नहीं हैं, जैसा उन्हें होना चाहिए। इसलिए आइए हम सब मिलकर 65 दिनों में उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दें।'
गौरतलब है कि हिलेरी डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं और इस बार पार्टी की तरफ से पूर्व उपराष्ट्रपति जो बिडेन को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है। 2016 में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने हिलेरी को ट्रंप के खिलाफ उतारा था, हालांकि वे ट्रंप को मात देने में नाकामयाब रही थीं।
अमेरिका में नवंबर में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं। ऐसे में देशभर में राजनेताओं द्वारा कंवेशन का आयोजन हो रहा है, जहां वे अपनी कामयाबियों का बखान कर रहे हैं और विरोधियों की नाकामयाबी को गिनाने में लगे हुए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव इसलिए भी रोचक हो गया है क्योंकि डेमोक्रेटिक पार्टी ने उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के तौर पर भारतीय मूल की कमला हैरिस को नामित किया है। माना जा रहा है कि डेमोक्रेट्स ने अपने हाथों से छिटक रहे भारतीय मूल के वोटों को अपने हिस्से में करने के लिए इस कदम को उठाया है।
वहीं, धीरे-धीरे ही सही लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप की लोकप्रियता भारतीय मूल के लोगों के बीच बढ़ रही है। इस साल हुए 'नमस्ते ट्रंप' कार्यक्रम के बाद से ट्रंप की लोकप्रियता खासी बढ़ी है। हालांकि, ट्रंप इसके बाद भी किसी तरह की गलती नहीं मोल लेना चाह रहे हैं, इसलिए वे भी ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं।