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कोरोना के कहर के बीच अमेरिका ने दी फाइजर की वैक्सीन को आपात मंजूरी
Sat, 12 Dec 2020 08:54 AM IST
अनवर अंसारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sat, 12 Dec 2020 08:54 AM IST
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कोरोा वायरस वैक्सीन (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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अमेरिका में शुक्रवार को देश के पहले कोविड-19 वैक्सीन को मंजूरी दे दी गई है जो इस महामारी के अंत की शुरुआत हो सकती है, जिसने अब तक 3,00,000 अमेरिकी लोगों की जान ले ली है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
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खाद्य एवं औषधि विभाग (एफडीए) ने फाइजर और उसके जर्मनी के साझेदार बायोएनटेक द्वारा विकसित टीके के आपात स्थिति में उपयोग की इजाजत दी है। अब आगामी दिनों में स्वास्थ्यकर्मियों एवं नर्सिंग होम कर्मियों के टीकाकरण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
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अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई अन्य देश सर्दियों से पहले अधिकाधिक लोगों का टीकाकरण करना चाहते हैं ऐसे में वैक्सीन की पहली खुराकों की कमी होगी इसलिए इन्हें प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा।
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एफडीए का फैसला बड़े पैमाने पर जारी अध्ययन को लेकर जनता की समीक्षा के आंकड़ों के आधार पर लिया गया है। इसके अलावा ट्रंप प्रशासन भी एफडीए पर वैक्सीन को जल्द से जल्द मंजूरी देने के लिए दबाव बना रहा था और आरोप लगा रहा था कि एजेंसी की प्रक्रिया बहुत ही धीमी है।
यहां तक की प्रशासन ने एफडीए प्रमुख स्टीफन हान को धमकी तक दे डाली थी कि यदि वैक्सीन के बारे में फैसला शुक्रवार तक नहीं लिया गया तो उन्हें पद से हटा दिया जाएगा। एफडीए की मंजूरी मिलने के बाद अब अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान आरंभ हो जाएगा। अमेरिका मॉडर्ना द्वारा विकसित टीके पर भी विचार कर रहा है।
इससे पहले, अमेरिका के खाद्य एवं औषधि विभाग (एफडीए) की वैक्सीन एंड रिलेटेड बायोलॉजिकल प्रॉडेक्ट्स एडवायजरी कमेटी (वीआरबीपीएसी) की आठ घंटे चली बैठक में मंथन के बाद फाइजर और जर्मनी की उसकी सहयोगी बायोएनटेक द्वारा विकसित वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी देने के संबंध में मतदान हुआ। इसमें फाइजर और बायोएनटेक के टीके के पक्ष में 17 और विपक्ष में चार मत पड़े, एक सदस्य गैरहाजिर था।
समिति के सदस्य पॉल ऑफिट ने कहा, वैक्सीन से स्पष्ट फायदा नजर आ रहा है लेकिन दूसरी ओर इसके अनुमानित खतरे हैं। पॉल फिलाडेल्फिया में बच्चों के अस्पताल में टीका विशेषज्ञ हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सीन का लाभ पहुंचाने की क्षमता उसके खतरों को कम करती है।
एक अन्य विशेषज्ञ ओफर लेवी ने कहा, यह मील का एक पत्थर साबित होने वाला है। लेवी संक्रामक रोग विशेषज्ञ हैं और बोस्टन चिल्ड्रन हॉस्पिटल में टीका कार्यक्रम के प्रमुख हैं। फाइजर की वैक्सीन को ब्रिटेन और कनाडा पहले ही मंजूरी दे चुके हैं।
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक बयान में कहा, फाइजर-बायोएनटेक कोविड-19 वैक्सीन को आज मिली मंजूरी मुश्किल वक्त में उम्मीद की एक किरण हैं। हम इस वैक्सीन को बनाने वाले वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के आभारी हैं। हम उन वैज्ञानिकों और जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के भी आभारी हैं जिन्होंने राजनीतिक प्रभाव में आए बिना इस वैक्सीन की क्षमता और सुरक्षा का मूल्यांकन किया।