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असम के 19 लाख लोगों की नागरिकता पर छाए संकट पर अमेरिका ने जताई चिंता
Thu, 21 Nov 2019 03:25 AM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 21 Nov 2019 03:25 AM IST
सार
- अमेरिका ने कहा, गलत मंशा से किया जा रहा एनआरसी प्रक्रिया का इस्तेमाल
- निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के बिना नागरिकता खत्म करने का लगाया आरोप
- नागरिकता रजिस्टर की अंतिम सूची में असम के 19 लाख लोगों के नाम नहीं
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राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
असम में एनआरसी के चलते 19 लाख लोगों की नागरिकता पर छाए संकट के बादल पर अमेरिका ने गहरी चिंता जताई है। अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने कहा, असम में एनआरसी सूची से बाहर हुए 19 लाख लोग जल्द किसी देश के नागरिक नहीं रह जाएंगे।
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आयोग ने आरोप लगाया कि असम में इन लोगों की नागरिकता निष्पक्ष, पारदर्शी और सुशासित प्रक्रिया के बिना समाप्त की जा रही है। एनआरसी की अंतिम सूची में 19 लाख लोगों के नाम नहीं हैं। रिपोर्ट में इस बात पर चिंता जताई गई कि यह पूरी प्रक्रिया मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने के लिए है।
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यूएससीआईआरएफ आयुक्त अनुरिमा भार्गव ने इस मुद्दे पर कांग्रेशनल आयोग के समक्ष गवाही में कहा, असम में 19 लाख लोग किसी देश के नागरिक नहीं माने जाएंगे। इससे बुरा यह है कि भारतीय राजनेताओं ने असम में मुसलमानों को अलग-थलग करने और वहां से बाहर निकालने के लिए एनआरसी प्रक्रिया का इस्तेमाल करने की अपनी मंशा लगातार दोहराई है।
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