{"_id":"5f5ae2828ebc3ebbf62dac39","slug":"america-and-india-underlined-urgent-need-for-pakistan-to-ensure-its-territory-is-not-used-for-terror-attacks","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाक अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकवादी हमलों के लिए न होने दे: भारत-अमेरिका","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
पाक अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकवादी हमलों के लिए न होने दे: भारत-अमेरिका
Fri, 11 Sep 2020 08:09 AM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 11 Sep 2020 08:09 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
यूएस-इंडिया काउंटर-टेररिज्म जॉइंट वर्किंग ग्रुप और डेसिगनेशंस डायलॉग में अमेरिका और भारत ने पाकिस्तान से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उसके नियंत्रण वाले किसी भी क्षेत्र का आतंकवादी हमलों के लिए उपयोग न किया जाए। इसके लिए तत्काल, निरंतर और अपरिवर्तनीय कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया गया।
विज्ञापन
बैठक में पाकिस्तान को 26/11 मुंबई और पठानकोट सहित ऐसे हमलों के अपराधियों को जल्द न्याय के दायरे में लाने को कहा गया। अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के लोगों और सरकार के लिए अपने समर्थन को दोहराया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2396 में उल्लिखित महत्वपूर्ण प्रावधानों और दायित्वों के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों की यात्रा को बाधित करने की सूचना साझा करने और अन्य कदमों पर सहयोग को मजबूत करने के लिए संयुक्त प्रतिबद्धता जताई गई।
विज्ञापन
There was a joint commitment to strengthen cooperation on information sharing & other steps to disrupt the ability of international terrorists to travel, consistent with important provisions & obligations outlined in UN Security Council Resolution 2396: Joint statement
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 11, 2020
यूएस-इंडिया काउंटर-टेररिज्म जॉइंट वर्किंग ग्रुप की 17वीं बैठक के यूएस-इंडिया डेसिगनेशंस डायलॉग के तीसरे सत्र में काउंटर-टेररिज्म के संयुक्त सचिव महावीर सिंघवी और अमेरिकी विदेश विभाग के समन्वयक नाथन ए सेल्स ने काउंटर टेररिज्म के लिए समन्वय पर चर्चा की। साथ ही दोनों देशों के बीच मौजूद व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी पर करीबी समन्वय जारी रखने का संकल्प लिया।
यह भी पढ़ें- पाकिस्तान में बैठे आकाओं की घाटी में आतंक फैलाने की साजिश फिर नाकाम, उड़ी में मिला हथियारों का बड़ा जखीरा
अमेरिकी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, 'दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्वीकृत आतंकवादी संस्थाओं के खतरों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। इसके अलावा अल-कायदा, आईएसआईएस/ दाएश, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेआईएम) और हिज्बुल मुजाहिदीन सहित सभी आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।'