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चीन के प्रशिक्षण केंद्र बने यातना के अड्डे, शिक्षक का खुलासा- यहां आम बात है सामूहिक दुष्कर्म

Sat, 20 Feb 2021 01:12 AM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हांगकांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हांगकांग Published by: प्रियंका तिवारी Updated Sat, 20 Feb 2021 01:12 AM IST
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Allegations of shackled students and gang rape inside China detention camps
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

चीन के कई प्रांतों में उइगर मुस्लिमों के लिए प्रशिक्षण केंद्र यातना के अड्डे बन चुके हैं। इन शिविरों में होने वाले अत्याचार के किस्से कई बार सामने आ चुके हैं, लेकिन चीन हर बार उन्हें नकार देता है। ऐसे ही प्रशिक्षण केंद्र में कैद लोगों को पढ़ाने गई शिक्षिका ने भी यातना के इन अड्डों में होने वाले अत्याचारों का खुलासा किया है। उसने बताया कि यहां उइगर मुस्लिमों को जंजीरों से बांधकर रखा जाता है। इसके अलावा महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म आम बात है। गौरतलब है कि अमेरिका समेत कई देश इस तरह के मामले सामने आने के बाद चीन को मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाला करार दे चुके हैं।

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शिक्षिका ने किया यह खुलासा

जानकारी के मुताबिक, चीनी सरकार के शिनजियांग स्थित दो प्रशिक्षण केंद्रों में एक शिक्षिका क्विलबिनर सिदिक को तैनात किया था। उसने इन केंद्रों में करीब तीन महीने बिताए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिक्षिका ने बताया कि उसने चीनी सैनिकों को एक उइगर महिला को स्ट्रेचर पर इमारत से बाहर ले जाते हुए देखा था। उसके चेहरे पर कोई चमक नहीं थी। उसके गाल सूख चुके थे और वह वह सांस भी नहीं ले पा रही थी। एक पुलिसकर्मी ने बताया था कि उस महिला की मौत हो चुकी है। हालांकि, उसने मौत की वजह नहीं बताई। शिक्षिका के मुताबिक, उसे साल 2017 के दौरान दो प्रशिक्षण केंद्रों में जबरन तैनात किया गया था। 

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चारों तरफ तैनात रहते हैं सुरक्षाबल 

सिदिक के मुताबिक, इन प्रशिक्षण केंद्रों के चारों तरफ हर वक्त सुरक्षाबल तैनात रहते हैं। शिक्षिका का कहना है कि उसके इन आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है, लेकिन उसकी बातें उन महिलाओं से काफी मिलती-जुलती हैं, जो इन यातना शिविरों में सामूहिक दुष्कर्म और यौन शोषण होने के आरोप लगा चुकी हैं। गौरतलब है कि चीन पर कई बार आरोप लग चुका है कि वह उइगर मुस्लिमों का नरसंहार कर रहा है। वह इस समुदाय के लोगों को प्रताड़ित करता है। उन पर गर्भपात के लिए दबाव डालता है। 

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अत्याचार के तरीकों पर चर्चा करते हैं पुलिसकर्मी

शिक्षिका के मुताबिक, प्रशिक्षण केंद्रों में तैनाती के दौरान उसने देखा था कि रात के वक्त पुरुष पुलिसकर्मी एक-दूसरे से अपने-अपने अत्याचार के तरीकों पर चर्चा करते थे। वे एक-दूसरे को बताते थे कि उन्होंने महिलाओं का उत्पीड़न किस तरह किया। बता दें कि सिदिक फिलहाल नीदरलैंड में रह रही हैं। वह शिनजियांग में पली-बढ़ी और 28 साल तक बच्चों को पढ़ाती थी। सिदिक ने बताया कि साल 2017 के दौरान उन्हें चीन के एक सरकारी कार्यालय में बुलाया गया और कहा गया कि अब उन्हें 'अनपढ़ों' को पढ़ाना होगा।

इस तरह प्रताड़ित किए जाते हैं कैदी

शिक्षिका ने बताया कि मार्च 2017 के दौरान वह पहली बार प्रशिक्षण केंद्र पहुंची। उस वहां नए छात्रों के रूप में उसकी मुलाकात करीब 100 पुरुषों और कुछ महिलाओं से हुई। उन्हें जंजीरों से बांधकर रखा गया था और उनके हाथ-पैर कांप रहे थे। जब सिदिक ने उन्हें पढ़ाने के लिए चॉक उठाई तो उनकी आंखों से आंसू निकल रहे थे। 

चीनी अधिकारियों ने पति को दी धमकी
सिदिक का कहना है कि जब उन्होंने इस मामले की जानकारी मीडिया को दी तो कुछ चीनी अधिकारी उनके घर पहुंच गए। उन्होंने सिदिक के पति को धमकाया। साथ ही, आरोपों को झूठा साबित करने के लिए वीडियो बनाने को कहा। सिदिक ने बताया कि मेरे पति ने मुझे शिनजियांग कभी नहीं लौटने को कहा। उन्होंने मुझे वीचैट पर ब्लॉक कर दिया। मुझे नहीं पता कि वह जीवित हैं या उनकी मौत हो चुकी है।

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