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मंगल पर भारतीय महिला: लाल ग्रह पर अक्षता ने रचा इतिहास, मंगल ग्रह पर रोवर संचलित कर किया देश का नाम रोशन
Tue, 02 Jan 2024 06:17 AM IST
यशोधन शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Tue, 02 Jan 2024 06:17 AM IST
सार
अक्षता ने अपनी उपलब्धि पर कहा, अपने सपने को पूरा करने के लिए खुद पर भरोसा रखिए और लगातार लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम करते रहना चाहिए। अक्षता नासा में प्रमुख इन्वेस्टिगेटर और मिशन विज्ञान चरण लीड हैं। वह नासा में गत पांच वर्षों से वह काम कर रही हैं।
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अक्षता कृष्णमूर्ति
- फोटो : Social Media
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विस्तार
भारत की बेटी ने लाल ग्रह पर इतिहास रच दिया है। मंगल ग्रह पर रोवर संचालित करने वाली नासा से जुड़ी डॉ. अक्षता कृष्णमूर्ति पहली भारतीय महिला बन गई हैं। अक्षता ने भारत ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पीएचडी की है। यहीं से उनका चयन नासा के लिए हुआ।
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अक्षता ने अपनी उपलब्धि पर कहा, अपने सपने को पूरा करने के लिए खुद पर भरोसा रखिए और लगातार लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम करते रहना चाहिए। अक्षता नासा में प्रमुख इन्वेस्टिगेटर और मिशन विज्ञान चरण लीड हैं। वह नासा में गत पांच वर्षों से वह काम कर रही हैं।
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13 वर्ष पहले पहुंचीं थीं अमेरिका
अक्षता, नासा में काम का सपना लेकर 13 वर्ष पूर्व अमेरिका पहुंचीं। कई लोगों ने उनसे कहा यह नामुमकिन है, क्योंकि उनके पास विदेशी वीजा है। अतः वह प्लान-बी तैयार रखें या फिर कॅरिअर की दिशा बदल लें पर वह डटी रहीं।
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अक्षता ने लिखा, एमआईटी में पीएचडी करने से लेकर नासा में नौकरी पाने तक कुछ भी आसान नहीं था। यहां तक पहुंचने के लिए कई बार लोगों ने उनका मनोबल भी तोड़ा, लेकिन उन्होंने अपने सपने को टूटने नहीं दिया और काम करती गईं।