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उम्र 67 और आंखों में 'खो गए' 27 कॉन्टैक्ट लेंस
बीबीसी हिन्दी
Updated Wed, 19 Jul 2017 04:38 PM IST
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कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करने वालों के लिए टिप्स
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ब्रिटेन के एक अस्पताल में रूटीन कैटेरेक्ट सर्जरी के लिए आई महिला की एक आंख से डॉक्टरों ने 27 कॉन्टैक्ट लेंस ऑपरेशन करके हटा दिए हैं। महिला की उम्र 67 साल है. उनकी एक आंख पर 17 लेंस चिपके हुए थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने 10 और लेंस पाए। बीएमजी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक महिला पिछले 35 सालों से डिस्पोज़ेबल लेंस का इस्तेमाल कर रही थीं और उन्हें कभी किसी तरह की शिकायत नहीं हुई।
लेकिन लेंस हटाए जाने के बाद महिला ने माना कि उनकी आंखों को बहुत आराम महसूस हो रहा है। अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में स्पेशलिस्ट ट्रेनी डॉक्टर रूपल मोरजारिया का कहना है कि उनकी टीम में से किसी ने अतीत में ऐसा कोई केस नहीं देखा था।
उन्होंने कहा, "वो सच में मांस के किसी लोथड़े जैसा था। सभी कॉन्टैक्ट लेंस एक-दूसरे से चिपके हुए थे। हमें हैरत थी कि मरीज़ ने इसे कभी नोटिस नहीं किया। महिला भी हैरत में थीं। महिला को लगा कि उनकी समस्या बढ़ती उम्र की वजह से है।" डॉक्टरों का कहना है कि आंखों में कॉन्टैक्ट लेंस का गुम होना आम बात है। लेकिन ये सामान्य तौर पर बाहर निकल जाता है।
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ज़्यादा समय तक लेंस का इस्तेमाल न करें। जितने समय तक इस्तेमाल के लिए डॉक्टर ने सलाह दी हो उतनी देर तक ही लगाएं। दिन में 16 घंटे से ज़्यादा लेंस न लगाएं। लेंस लगाकर कभी न सोएं।
आंखों को छूने से पहले अपने हाथ ठीक से धोएं और सुखाएं।
कॉन्टैक्ट लेंस लगाने से पहले कभी भी आंखों का मेक-अप न करें।
इन्फ़ेक्शन से बचने के लिए नियमित रूप से कॉन्टैक्ट लेंस बदलते रहें।
आंखों में लाली दिखे, दर्द हो, रोशनी कम लगे तो फ़ौरन अपनी आंखों के डॉक्टर से संपर्क करें।
नियमित रूप से चेक-अप कराते रहें।
अगर लेंस के साथ असहज महसूस हो या फिर कोई संदेह लगे तो फ़ौरन इसे हटा दें।
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लेकिन लेंस हटाए जाने के बाद महिला ने माना कि उनकी आंखों को बहुत आराम महसूस हो रहा है। अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में स्पेशलिस्ट ट्रेनी डॉक्टर रूपल मोरजारिया का कहना है कि उनकी टीम में से किसी ने अतीत में ऐसा कोई केस नहीं देखा था।
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उन्होंने कहा, "वो सच में मांस के किसी लोथड़े जैसा था। सभी कॉन्टैक्ट लेंस एक-दूसरे से चिपके हुए थे। हमें हैरत थी कि मरीज़ ने इसे कभी नोटिस नहीं किया। महिला भी हैरत में थीं। महिला को लगा कि उनकी समस्या बढ़ती उम्र की वजह से है।" डॉक्टरों का कहना है कि आंखों में कॉन्टैक्ट लेंस का गुम होना आम बात है। लेकिन ये सामान्य तौर पर बाहर निकल जाता है।
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ज़्यादा समय तक लेंस का इस्तेमाल न करें। जितने समय तक इस्तेमाल के लिए डॉक्टर ने सलाह दी हो उतनी देर तक ही लगाएं। दिन में 16 घंटे से ज़्यादा लेंस न लगाएं। लेंस लगाकर कभी न सोएं।
आंखों को छूने से पहले अपने हाथ ठीक से धोएं और सुखाएं।
कॉन्टैक्ट लेंस लगाने से पहले कभी भी आंखों का मेक-अप न करें।
इन्फ़ेक्शन से बचने के लिए नियमित रूप से कॉन्टैक्ट लेंस बदलते रहें।
आंखों में लाली दिखे, दर्द हो, रोशनी कम लगे तो फ़ौरन अपनी आंखों के डॉक्टर से संपर्क करें।
नियमित रूप से चेक-अप कराते रहें।
अगर लेंस के साथ असहज महसूस हो या फिर कोई संदेह लगे तो फ़ौरन इसे हटा दें।