लायन एयर के क्रैश विमान में जो खामियां थीं, वैसी ही दो अन्य विमानों में भी पाई गईं
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अभी हाल ही में इंडोनेशिया में लायन एयर का बोइंग 737 विमान क्रैश हुआ था, जिसमें 189 लोगों की मौत हो गई। इस घटना से सबक लेते हुए अन्य विमानों का निरीक्षण कराया गया है। जिसमें दो अन्य विमानों में भी वही खामियां पाई गईं जो क्रैश हुए विमान में पाई गई थीं। निरीक्षण के आदेश इंडोनेशिया के मंंत्री ने दिए थे। यह निरीक्षण सभी मैक्स जेट पर किया गया।
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अभी हाल ही में इंडोनेशिया में लायन एयर का बोइंग 737 विमान क्रैश हुआ था, जिसमें 189 लोगों की मौत हो गई। इस घटना से सबक लेते हुए अन्य विमानों का निरीक्षण कराया गया है। जिसमें दो अन्य विमानों में भी वही खामियां पाई गईं जो क्रैश हुए विमान में पाई गई थीं। निरीक्षण के आदेश इंडोनेशिया के मंंत्री ने दिए थे। यह निरीक्षण सभी मैक्स जेट पर किया गया।
मामले पर बताते हुए परिवहन मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि करीब आधा दर्जन विमानों की जांच की गई। जिनमें से एक के कॉकपिट डिसप्ले में खामी पाई गई। वहीं एक अन्य विमान के जेट स्टेबिलाइजेशन सिस्टम में गड़बड़ी पाई गई। दोनों ही विमान लायन एयरलाइंस के हैं।
विमानों के निरीाक्षण के लिए इंस्पेक्टर के साथ बोइंग का एक इंजीनियर और तकनीशियन भी था। विमानन विश्लेषक ड्यूडी सुदिब्यो का कहना है कि कॉकपिट डिसप्ले में खामी होना गति और ऊंचाई की गड़बड़ी से जुड़ा हो सकता है। यही खामी लायन एयर के क्रैश विमान में एक दिन पहले देखी गई थी।
सुदिब्यो ने कहा, 'यह छोटे मुद्दे हो सकते हैं लेकिन इन्हें ठीक किया जाना चाहिए।' उन्होंने आगे कहा, 'कोई भी विमान चाहे उसमें एक भी खामी क्यों न हो तब तक उड़ान की मंजूरी नहीं मिलनी चाहिए जब तक वह खामी ठीक नहीं हो जाए।' यह जांच उन सवालों के बाद कराई गई जिनमें पूछा गया था कि कुछ महीने पहले ही सर्विस होकर आया विमान टेकऑफ के कुछ मिनट बाद ही कैसे क्रैश हो गया?
जो विमान क्रैश हुआ वह बेहद आधुनिक कमर्शियल पैसेंजर प्लेन था। विमान को उड़ाने वाले पायलट मूल रूप से भारत के दिल्ली से थे। उन्हें 6 हजार घंटे विमान उड़ाने का अनुभव था। विमान जकार्ता से पांगकल पिनांग जा रहा था।
क्रैश विमान में ऊंचाई के आंकड़े गलत आ रहे थे
तकनीकी सुरक्षा की बात अब सामने आई है। लेकिन इस बारे में लायन एयरलाइंस के एग्जेक्यूटिव एडवर्ड सिराइट का कहना है कि विमान में तकनीकी समस्या थी, लोकिन इसकी जांच नहीं हो पाई है। सिराइट ने कहा कि ये समस्या बाली से जकार्ता की उड़ान के दौरान थी। हालांकि बाद में उन्होंने इसे सुलझा लिया था।
एक घंटे में पहुंचना था पांगकल पिनांग
विमान को एक घंटे में पांगकल पिनांग पहुंचना था लेकिन 13 मिनट बाद कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया। अधिकारियों का ये भी कहना है कि पायलट ने जकार्ता वापस आने की बात कही थी। वहीं पायलट और कोपायलट के पास काफी अनुभव था। इनके अलावा विमान में चालक दल के तौर पर तीन ट्रेनी और एक टेक्निशियन भी थे। मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि विमान में इंडोनेशिया के वित्त मंत्रालय के 20 कर्मचारी भी सवार थे।
गति और ऊंचाई बेहद अस्थिर थीं
एविएशन सेफ्टी वेबसाइट का कहना है कि क्रैश विमान के आंकड़ों का विश्लेषण करने से पता चला है कि विमान की गति और ऊंचाई बुरी तरह से अस्थिर थीं। विमान उड़ान भरने के बाद बायीं ओर 650 मीटर और फिर 450 मीटर नीचे आ गया। जिसके बाद विमान दोबारा ऊपर आया और लड़खड़ाने लगा। यह भी विचार करने वाली बात है कि अगर विमान में मौजूद सभी समस्याओं को खत्म कर लिया गया था तो पायलट ने वापस आने को क्यों कहा था। अब मुख्य तौर पर इसी बात की जांच की जा रही है।
पायलट ने जकार्ता वापस लौटने की अनुमति मांगी थी
इसके ठीक 10 मिनट बाद यानि 6.33 बजे विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया। उस वक्त विमान की ऊंचाई 1580 मीटर थी। इसी दौरान विमान जावा समुद्र में 35 मीटर गहरे पानी में गिर गया।
यह विमान बोइंग का 737 मैक्स-8 मॉडल था जिसका कमर्शियल इस्तेमाल 2010 से होना शुरू हुआ। एयरलाइंस का कहना है कि विमान इसी साल बनाया गया था और 15 अगस्त से उड़ान भरनी शुरू की थी। इस विमान में अधिकतम 210 यात्री सवार हो सकते थे और इसे छोटी दूरी की उड़ान के लिए बनाया गया था।
सही नहीं है एयरलाइंस का रिकॉर्ड, 2004 में कंपनी का विमान हुआ था क्रैश
यह पहला मौका नहीं है जब इंडोनेशियाई की सस्ती हवाई सेवा लायन एयर का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। 2004 में कंपनी का विमान भारी बारिश के कारण सोलो शहर में क्रैश हो गया था। इस हादसे में 25 लोग मारे गए थे। सुरक्षा कारणों से यूरोपियन यूनियन ने 2007 में लायन एयर के यूरोप में संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसे 2016 में हटाया गया था।
इंडोनेशिया के इतिहास में सबसे बड़ा हादसा साल 1997 में हुआ था। उस दौरान एयरबस ए-300बी4 के क्रैश होने से 234 लोगों की मौत हो गई थी।