तुर्की-अमेरिका के बीच हुआ समझौता, 120 घंटे तक सभी सैन्य अभियानों पर रोक
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तुर्की सेनाओं द्वारा उत्तरी सीरिया में कुर्दिश फौज पर आक्रामक हमलों के बाद अमेरिका और तुर्की के बीच अहम समझौता हुआ। अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने गुरुवार को मीडिया को जानकारी दी कि तुर्की ने पांच दिनों के संघर्ष विराम पर सहमति व्यक्त की है।
US Vice President Mike Pence says deal reached with Turkey's Recep Tayyip Erdogan for a ceasefire in Northern Syria; Turkey will pause all military operations for 120 hours to allow withdrawal of YPG forces: Reuters. pic.twitter.com/mgTzT48Ejj
— ANI (@ANI) October 17, 2019विज्ञापन
पेंस ने बताया कि कुर्द लड़ाकों की सेना वायपीजी के वापस जाने तक तुर्की ने 120 घंटे तक अपने सभी सैन्य अभियानों को रोकने पर सहमति जताई है। इसके बाद ट्रंप ने ट्वीट करते हुए कहा कि 'इस समझौते से लाखों जिंदगियां बच जाएंगी'
Great news out of Turkey. News Conference shortly with @VP and @SecPompeo. Thank you to @RTErdogan. Millions of lives will be saved!
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) October 17, 2019
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बाद में गुरुवार को संवाददाताओं से कहा कि "यह एक अविश्वसनीय परिणाम है। "हर किसी ने कहा कि यह मुश्किल है जितना हमने सोचा था। मैं आपको बताऊंगा, संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से, मैं तुर्की को धन्यवाद देना चाहता हूं, मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने एक साथ मिल कर ऐसा किया है, "ट्रम्प ने कहा, यह देखते हुए कि परिणाम" अविश्वसनीय था। "
बता दें कि लंबे अरसे से सीरिया में अमेरिकी सहयोगी रही कुर्दिश फौज ने एक नए समझौते के तहत दमास्कस में अपनी शत्रु सीरिया सरकार से हाथ मिला लिया है। सीरिया सरकार को रूस का समर्थन है जबकि अमेरिकी सेना के कुर्द इलाकों को छोड़ने के बाद तुर्की के हमलों से बचाव के लिए कुर्द लड़ाकों को यह फैसला करना पड़ा। अब सीरियाई सेना कुर्दों की मदद को तुर्की के खिलाफ जंग में कूद पड़ी है।
उधर, अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने तुर्की से अपने सैनिकों की वापसी के साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि अब अमेरिका सीरिया में कुर्द लड़ाकों का बचाव नहीं करेगा। इसके लिए लड़ाके सीरिया या रूस से मदद मांग सकते हैं। इस बीच कुर्द बलों और सीरिया सरकार के बीच हुए समझौते के बाद सीरियाई सैनिक तुर्क सेना का सामना करने के लिए उत्तर की तरफ मोर्चा संभाल चुके हैं।