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फ्रांस में झुकना पड़ा फेसबुक को: अब खबरों के बदले मीडिया कंपनियों को देगा पैसा
Fri, 22 Oct 2021 06:23 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Fri, 22 Oct 2021 06:23 PM IST
सार
फेसबुक ने समझौते के बारे में कोई ब्योरा सार्वजनिक करने से इनकार किया है। लेकिन फ्रेंच मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक फेसबुक पर अखबारों के जो कंटेंट शेयर किए जाएंगे, उनके बदले फेसबुक कंपनी उन मीडिया कंपनियों को पैसा देगी। यह एक तरह से राजस्व बांटने का समझौता है...
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
ऑस्ट्रेलिया के बाद अब फ्रांस में फेसबुक को स्थानीय मीडिया कंपनियों के साथ समझौता करने पर मजबूर होना पड़ा है। ये समझौता फेसबुक पर शेयर की जानी खबरों और लेखों के कॉपीराइट के बारे में है। इसके साथ ही अब फेसबुक ने ये एलान कर दिया है कि वह अगले साल फ्रांस में अपनी विशेष सेवा ‘फेसबुक न्यूज’ की शुरुआत कर देगा।
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स्थानीय प्रेस के साथ हुए समझौते की जानकारी गुरुवार को फेसबुक और फ्रांस के मीडिया घरानों के एसोसिएशन के एक साझा बयान में दी गई। इस एसोसिएशन में फ्रांस के तमाम बड़े अखबार शामिल हैँ। उनमें ला मोंदे, ला फिगारो, लेस इचोस आदि भी शामिल हैं। इस बयान के मुताबिक ‘नेबरिंग राइट्स’ के बारे में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ है। जानकारों के मुताबिक नेबरिंग राइट्स का मतलब कॉपीराइट ही है।
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फेसबुक ने समझौते के बारे में कोई ब्योरा सार्वजनिक करने से इनकार किया है। लेकिन फ्रेंच मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक फेसबुक पर अखबारों के जो कंटेंट शेयर किए जाएंगे, उनके बदले फेसबुक कंपनी उन मीडिया कंपनियों को पैसा देगी। यह एक तरह से राजस्व बांटने का समझौता है। फेसबुक के बयान में कहा गया है- इस समझौते का मतलब यह है कि लोगों को अपने समुदायों के बीच खबरों को अपलोड करने और शेयर करने की सुविधा मिली रहेगी। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि हमारे प्रकाशन सहभागियों के कॉपीराइट सुरक्षित रहें।
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इसके पहले इसी साल जनवरी में गूगल कंपनी का फ्रांस के विजुअल मीडिया घरानों के संघ के साथ समझौता हुआ था। इसमें इस एसोसिएशन से जुड़ी 121 कंपनियां शामिल हुई थीं। उस समझौते में गूगल कंपनी उस पर शेयर किए जाने वाले कंटेंट के बदले मीडिया कंपनियों को पैसा देने पर तैयार हो गई थी। तब उसने कहा था कि सभी 121 कंपनियों के साथ वह अलग-अलग करार करेगी, ताकि उनके बीच राजस्व बंटवारे की रकम तय हो सके। एसोसिएशन ने कहा था कि गूगल इस आधार पर पैसा देगी कि उस पर रोज कितने कंटेंट को शेयर किया जाता है और उन पर हर महीने कितने दर्शक आते हैं।
एक फ्रेंच न्यूज एजेंसी के मुताबिक विजुअल और प्रिंट मीडिया संस्थान आपस में संबंधित नहीं हैं। इसलिए गूगल से हुआ समझौता प्रिंट मीडिया पर लागू नहीं हुआ था। एक दूसरी एजेंसी ने तब बताया था कि उसने समझौते के दस्तावेजों का अध्ययन किया है। उससे सामने आया है कि समझौते की शर्तों के मुताबिक गूगल को तीन साल में सात करोड़ 60 लाख डॉलर का भुगतान करना होगा।
फ्रांस के पहले फेसबुक को ऐसा ही समझौता ऑस्ट्रेलिया में करना पड़ा था। फ्रांस 2019 में यूरोप का पहला देश बना था, जिसने नेबरिंग राइट्स के बारे में कानून पारित किया। लेकिन तब गूगल और फेसबुक ने मीडिया घरानों को पैसा देने से इनकार कर दिया था। दोनों ने दावा किया था कि उनके प्लेटफॉर्म पर कंटेंट शेयर होने से मीडिया कंपनियों को लाखों दर्शक मिलते हैं, जो उनकी वेबसाइट पर जाते हैं। इससे उन्हें ही लाभ होता है। लेकिन अब इन दोनों कंपनियों को फ्रांस में झुकना पड़ा है। विश्लेषकों का कहना है कि ये मिसाल अब दूसरे देशों में भी अपनाई जा सकती है।