फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   After agreement with Pak government, Maulana will leave Lal Masjid, agreement on land allocation

पाक सरकार से सहमति के बाद लाल मस्जिद से हटेगा मौलाना, भूमि आवंटन पर हुआ समझौता

Tue, 11 Feb 2020 02:41 AM IST
योगेश साहू वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद। Published by: योगेश साहू Updated Tue, 11 Feb 2020 02:41 AM IST
सार

  • सील इमारत में प्रवेश कर गई महिला छात्राओं को छोड़ना शुरू

विज्ञापन
After agreement with Pak government, Maulana will leave Lal Masjid, agreement on land allocation
मौलाना अब्दुल अजीज - फोटो : Social Media

विस्तार

पाकिस्तान की सरकारी संपत्ति लाल मस्जिद पर कब्जा जमाए बैठे मौलाना अब्दुल अजीज ने तीन दिन की लंबी वार्ता के बाद इसे खाली करने पर सहमति जताई है। डॉन न्यूज के मुताबिक यह सहमति जामिया हफसा की स्थापना के लिए 20 कनाल (2.5 एकड़) भूमि आवंटित करने के समझौते के बाद जताई गई है। मौलाना के मंगलवार तक यह परिसर खाली करने की उम्मीद है। 

विज्ञापन


सहमति के बाद इस्लामाबाद के एच-11 स्थित जामिया हफसा मदरसा में प्रवेश करने वाली 100 महिला छात्राओं को भी मस्जिद से छोड़ना शुरू कर दिया है। ये छात्राएं बृहस्पतिवार को एच-11 स्थित शाखा की सील इमारत में प्रवेश कर गई थीं। मदरसे के आसपास से पुलिस बल भी हटाया जा चुका है। वार्ता के दौरान मौलाना ने दावा किया कि पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के खिलाफ उन्होंने आंदोलन इसलिए शुरू किया था क्योंकि राजधानी में मस्जिदों को ध्वस्त किया जा रहा था और ऐसी ही घटनाएं दोबारा शुरू हो गई हैं।
विज्ञापन


अधिकारियों सुप्रीम कोर्ट के आलोक में उनकी मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया है। बता दें कि अजीज को 2004 में अदालती आदेशों के बाद लाल मस्जिद के प्रमुख पद से इसलिए हटा दिया गया था क्योंकि उसने वजीरिस्तान में आतंकियों के विरुद्ध चल रहे ऑपरेशन में पाक सेना के खिलाफ फतवा जारी किया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

पाकिस्तान में आयोजित होगा अफगान शरणार्थियों पर सम्मेलन

पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर 17 फरवरी को अफगान शरणार्थियों पर दो दिनी विश्व सम्मेलन होने जा रहा है। इसमें 20 देशों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी अफगान शरणार्थियों की चुनौतियों की पहचान करेंगे। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के मुताबिक अफगानिस्तान के लिए शरणार्थियों की स्वैच्छिक, गरिमापूर्ण और स्थायी प्रत्यावर्तन के समाधान पर चर्चा होगी।

इस शरणार्थी सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त फिलिपो ग्रैंडे, मंत्रियों और लगभग 20 देशों के अफगान शरणार्थियों का समर्थन कर रहे वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। पाकिस्तान को भरोसा है कि सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को और मजबूत करेगा, क्योंकि शरणार्थियों और संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक परिदृश्य में शरणार्थी फोरम अफगान शरणार्थियों पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने के लिए सहमत हुआ है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक दुनियाभर में करोड़ों की संख्या में लोग जबरन विस्थापित होते हैं, जिससे ये एक विश्व संकट बन चुका है। इसकी चुनौतियों को दूर करना जरूरी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed