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अफगानिस्तान के हिंदू और सिखों को अमेरिका में शरण के प्रस्ताव की मांग
Wed, 19 Aug 2020 01:34 AM IST
Kuldeep Singh
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 19 Aug 2020 01:34 AM IST
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अमेरिकी संसद
- फोटो : iStock
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अमेरिकी कांग्रेस ने एक प्रस्ताव पेश कर अफगानिस्तान में रह रहे हिंदू और सिखों को ‘संकटग्रस्त अल्पसंख्यक’ करार देते हुए इन उत्पीड़ित धार्मिक समुदायों को अमेरिका में बसाने की मांग की गई है। प्रस्ताव में कहा गया है कि हिंदू-सिख अफगानिस्तान के मूल निवासी तो हैं लेकिन संकटग्रस्त अल्पसंख्यक भी हैं और इनकी आबादी युद्धग्रस्त देश में बहुत तेजी से कम हो रही है। इसलिए इन्हें शरण मिलना चाहिए।
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अमेरिकी संसद की प्रतिनिधि सभा (निचले सदन) में पेश प्रस्ताव के भीतर सांसद जैकी स्पीयर और अन्य सात सह प्रायोजक सदस्यों ने कहा कि उनका प्रस्ताव अफगानिस्तान के हिंदुओं और सिखों को शरणार्थी सुरक्षा देने का समर्थन करता है और समुदाय के सदस्यों द्वारा बर्दाश्त किए जा रहे ‘संस्थागत धार्मिक उत्पीड़न, भेदभाव और अस्तित्व के खतरे को रेखांकित करता है। इस प्रस्ताव में अमेरिकी आव्रजन और राष्ट्रीय अधिनियम के तहत शरणार्थी कार्यक्रम के जरिये अफगानिस्तान के हिंदुओं और सिखों को अमेरिका में बसाने का समर्थन किया गया है।
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अफगानिस्तान में हिंदुओं और सिखों की सुरक्षा के प्रति चिंता जताते हुए प्रस्ताव में इन समुदायों के खिलाफ सभी आतंकी हमलों, धार्मिक उत्पीड़न और भेदभाव की निंदा की गई है। प्रस्ताव में 25 मार्च को गुरुद्वारे पर हमला और 2018 में हिंदुओं पर आतंकी हमले का भी जिक्र किया गया।
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