संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता ने बोले: अफगानिस्तान का यूएन जनरल डिबेट से हटना उनका अपना फैसला था
संयुक्त राष्ट्र में आम बहस के अंतिम दिन के लिए वक्ताओं की सूची में सत्र को संबोधित करने के लिए अफगानिस्तान और म्यांमार को वक्ताओं को सूचीबद्ध नहीं किया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अशरफ गनी सरकार द्वारा अपदस्थ सरकार द्वारा नियुक्त देश के दूत के वापस लिए जाने के बाद उच्च स्तरीय बैठक के अंतिम दिन विश्व को संबोधित यूएन महासचिव के एक प्रवक्ता ने कहा कि अफगानिस्तान के प्रतिनिधिमंडल द्वारा संयुक्त राष्ट्र की आम बहस से भाग लेने का निर्णय उनका अपना निर्णय था।
महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने सोमवार को दैनिक प्रेस वार्ता में कहा, अफगान प्रतिनिधिमंडल से हटने का निर्णय उनका अपना निर्णय था। मैं उस पर टिप्पणी नहीं कर सकता। स्पष्ट रूप से महासभा उच्च स्तरीय सप्ताह प्रत्येक सदस्य राज्य के लिए एक अर्थ में दुनिया को संबोधित करने का एक अवसर है, और वे सदस्य देश जिनके पास इसे लेने का अवसर है, हम प्रत्येक के लिए कामना करते हैं।
अफगानिस्तान और म्यांमार सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की उच्च स्तरीय आम बहस को संबोधित नहीं करेंगे। एक उच्च यूएन अधिकारी ने यह जानकारी दी। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के उच्च स्तरीय आम बहस के अंतिम दिन के लिए वक्ताओं की नवीनतम सूची के अनुसार, सत्र को संबोधित करने के लिए अफगानिस्तान और म्यांमार को वक्ताओं के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है।
शुक्रवार को महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा था कि सोमवार के लिए सूची में अंकित अफगानिस्तान के प्रतिनिधि एच ई गुलाम एम इसाकजई हैं।
म्यांमार में तख्तापलट के बाद इसके सैन्य शासकों ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र में देश के राजदूत क्याव मो तुन को बर्खास्त कर दिया गया है और चाहते हैं कि अब आंग थुरिन उनकी जगह लें।
पिछले हफ्ते तालिबान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखकर कहा था कि प्रवक्ता सुहैल शाहीन को संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के राजदूत के रूप में मान्यता दी जाए। इसमें शाहीन को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र में शिरकत करने देने की मांग की गई थी।
अशरफ गनी का फेसबुक खाता हैक
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी ने सोमवार को बताया कि उनके फेसबुक खाते को हैक कर लिया गया है। उनके खाते से तालिबान को मान्यता देने की मांग करते हुए एक पोस्ट किया गया था। स्पूतनिक की रिपोर्ट के मुताबिक टि्वटर पर बताया गया कि गनी ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, जब खाते को हैकरों के कब्जे से मुक्त करा लिया जाएगा तो इसके बारे में सूचित किया जाएगा।