एससीओ बैठक: जयशंकर ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री से की मुलाकात, अफगान शांति पर हुई बात
भारत के विदेश मंत्री ने हिंसा में हो वृद्धि पर चिंता व्यक्त की और अफगानिस्तान में चल रहीं खूनी हिंसा को समाप्त करने पर जोर दिया।
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अफगानिस्तान में तालिबान ने कई इलाकों पर कब्जा कर लिया है, कई जगहों से अफगान आर्मी और तालिबान के टकराव की खबरें भी आई हैं। इसी बीच दुशांबे में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद हनीफ अतमर से मुलाकात की। दोनों के बीच राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति, और शांति प्रक्रिया पर चर्चा हुई।
अफगान सरकार ने बयान जारी कर कहा कि विदेश मंत्री मोहम्मद हनीफ अतमर ने अफगान शांति प्रक्रिया और पिछले दो दशकों की उपलब्धियों के संरक्षण पर क्षेत्रीय सहमति को मजबूत करने में भारत की रचनात्मक भूमिका को रेखांकित किया।
Afghan Foreign Minister Mohammad Haneef Atmar underscored the constructive role of India in strengthening regional consensus on the Afghan peace process and the preservation of the achievements of the last two decades: Afghan Govt
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 13, 2021
अफगान सरकार ने बयान में कहा कि भारत के विदेश मंत्री ने हिंसा में हो वृद्धि पर चिंता व्यक्त की और अफगानिस्तान में चल रहीं खूनी हिंसा को समाप्त करने पर जोर दिया। साथ ही एस जयशंकर ने कहा कि भारत राजनीतिक समझौता प्राप्त करने के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक सहमति को मजबूत करने में अफगानिस्तान का साथ देगा।
बैठक में मोहम्मद हनीफ अतमर ने तालिबान पर बात करते हुए कहा कि इस आम खतरे पर काबू पाना क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही बैठक में उन्होंने अपने नागरिकों और अफगान रक्षा बलों के खिलाफ विदेशी लड़ाकों, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी नेटवर्क के साथ मिलकर तालिबान के हमलों में वृद्धि का उल्लेख भी किया।
भारत और पाकिस्तान वर्ष 2017 में एससीओ के स्थायी सदस्य बने थे। भारत और पाकिस्तान के अलावा एससीओ में रूस, चीन, कजाखिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं।
गौरतलब है कि यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ऐसे समय में हो रही है, जब तालिबानी लड़ाके अफगानिस्तान के अधिकतर इलाकों को तेजी से अपने नियंत्रण में ले रहे हैं, जिसने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
भारत ने अफगान बलों और तालिबान लड़ाकों के बीच भीषण लड़ाई के मद्देनजर कंधार स्थित अपने वाणिज्य दूतावास से लगभग 50 राजनयिकों एवं सुरक्षा कर्मियों को एक सैन्य विमान के जरिए निकाला है।