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Afghanistan: अफगानिस्तान में गंभीर आर्थिक संकट, बल्ख प्रांत में एक परिवार बच्चा बेचने के लिए मजबूर हुआ
Sun, 13 Nov 2022 01:36 AM IST
देव कश्यप
एएनआई, काबुल।
एएनआई, काबुल।
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 13 Nov 2022 01:36 AM IST
सार
टोलो न्यूज के मुताबिक, बच्चे की मां नसरीन ने कहा कि अत्यधिक गरीबी के कारण मुझे अपने बच्चे को बेचने की कोशिश करनी पड़ी। नसरीन ने कहा कि मैं वास्तव में मुश्किल स्थिति में हूं। मेरे पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : ANI
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विस्तार
तालिबान शासन में अफगानिस्तान की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। अफगानिस्तान के बल्ख प्रांत से मानवता को झकझोर देने वाली एक खबर सामने आई है। यहां एक परिवार ने अत्यधिक गरीबी के कारण अपने बच्चे को बेचने का प्रयास किया। टोलो न्यूज ने शनिवार को यह जानकारी दी।
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हालांकि प्रांत के कुछ स्थानीय लोगों द्वारा परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए भोजन और अन्य सहायता देने के बाद दो साल के बच्चे को बिकने से बचा लिया गया। बल्ख के डिप्टी गवर्नर नूरुल हादी अबू इदरीस ने कहा कि "हमने कुछ दिनों के लिए रेड क्रॉस के साथ बैठक आयोजित की है, हम इन संस्थानों के सदस्यों को हमारी सहायता करने के तरीके से अवगत कराएंगे।"
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टोलो न्यूज के मुताबिक, बच्चे की मां नसरीन ने कहा कि अत्यधिक गरीबी के कारण मुझे अपने बच्चे को बेचने की कोशिश करनी पड़ी। नसरीन ने कहा कि मैं वास्तव में मुश्किल स्थिति में हूं। मेरे पास खाने या खाना बनाने के लिए ईंधन उपयोग करने के लिए कुछ भी नहीं है। मैंने सर्दियों के लिए कोई तैयारी नहीं की है। मुझे अपनी बेटी को बेचना है और सर्दियों के लिए कुछ सामान लाना है।
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बच्चे की मां के रूप में उसने प्रांत की स्थिति और वहां रहने वाले निवासियों के गंभीर रूप से खराब परिस्थितियों के बारे में अधिकारियों से खेद व्यक्त किया। नसरीन ने कहा कि न तो स्थानीय सरकार और न ही मानवीय एजेंसियों ने एक साल से अधिक समय में उन्हें कोई सहायता प्रदान की है। नसरीन ने कहा कि मैं खुद दो या तीन बार अधिकारियों के पास गई और उनसे अनुरोध किया कि अगर सहायता प्रदान की जाती है, तो मेरा नाम उस सूची में डाल दें। उन्होंने जवाब दिया कि हमने आपका नाम उस सूची में रखा है, लेकिन अभी तक मुझे कोई समर्थन नहीं मिला है।"
गौरतलब है कि जब से तालिबान ने अफगानिस्तान पर नियंत्रण किया है, तब से देश में लोग बुनियादी सुविधाओं के बीना और गंभीर मानवीय संकटों के साथ दयनीय जीवन जी रहे हैं। विश्व खाद्य कार्यक्रम ने भी अफगानिस्तान में आर्थिक संकट और बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता जताई है। अफगानिस्तान में खाद्य असुरक्षा में अत्यधिक वृद्धि के मद्देनजर, संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन ने 38 प्रतिशत अफगानों को मौजूदा संकट के प्रभाव से बचने में मदद करने के लिए सहायता प्रदान की है।