तालिबानी आतंक: अमेरिका ने एक बार फिर दी खतरे की चेतावनी, कहा- एयरपोर्ट इलाके को जल्द से जल्द करें खाली
अफगानिस्तान में तालिबान और आईएसआईएस के बढ़ते हमले के मद्देनजर अमेरिका ने एक बार फिर से चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि सभी नागरिक जल्द से जल्द एयरपोर्ट इलाके को खाली कर दें।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अफगानिस्तान में तालिबान और आईएसआईएस के बढ़ते हमले के मद्देनजर अमेरिका ने एक बार फिर से खतरे की चेतावनी जारी करते हुए सभी नागरिकों को जल्द से जल्द काबुल एयरपोर्ट इलाके को खाली करने के लिए कहा है। इसके अलावा अमेरिका ने पंजशीर इलाके को भी खाली करने के लिए कहा है जहां आतंकवादियों का प्रभुत्व अभी भी बना हुआ है। बता दें कि इससे पहले शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी अफगानिस्तान के हालात पर चिंता जताते हुए कहा था कि अगले 24 से 36 घंटे में काबुल एयरपोर्ट पर फिर से हमला हो सकता है। बाइडन ने कहा कि अफगानिस्तान के हालात बेहद खतरनाक बने हुए हैं और एयरपोर्ट पर हमले का खतरा लगातार बना हुआ है।
US warns of 'specific, credible threat' near Kabul
— ANI (@ANI) August 29, 2021
airport, asks its citizens to leave the airport area immediately pic.twitter.com/jptu8vZUhj
एक बयान में बाइडन ने कहा कि हमारे कमांडरों ने मुझे बताया है कि अगले 24-36 घंटे में काबुल एयरपोर्ट पर एक और हमला हो सकता है। उन्होंने कहा कि आज सुबह मैंने राष्ट्रीय सुरक्षा टीम और वहां तैनात कमांडरों के साथ बैठक की थी। इस दौरान हमने पिछली रात अफगानिस्तान में आतंकी संगठन आईसआईएस-के ठिकानों पर हुई बमबारी की चर्चा की। मैंने कहा था कि हम हमारे सैनिकों और नागरिकों पर हमले के जिम्मेदार लोगों को ढूंढेंगे और हमने ऐसा ही किया।
बाइडन ने कहा, आतंकियों पर ये हमला आखिरी नहीं था। हम काबुल हमले में शामिल दोषियों का लगातार पीछा करेंगे और उन्हें सजा देंगे। जब भी कोई अमेरिका या हमारे सैनिकों पर हमला करेगा, हम करारा जवाब देंगे। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए बाइडन ने कहा कि 13 सैनिकों ने अमेरिका के मूल्यों को बरकरार रखते हुए अपने कर्तव्य का पालन करते हुए बलिदान दिया है।
बाइडन ने कहा, काबुल में खतरनाक हालात के बीच, हम नागरिकों को निकालने के काम में जुटे हैं। कल हमने 6800 लोगों को निकाला था जिसमें सैकड़ों अमेरिकी भी थे। आज हमने इस बात पर चर्चा की कि अमेरिकी सैनिकों के यहां से जाने के बाद लोगों के किस तरह से निकाला जाए।